कीव:
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध रविवार को एक नए भयावह मोड़ पर पहुंच गया जब रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया। यूक्रेनी सेना के अनुसार, इस हमले में ईरानी निर्मित ड्रोन्स, क्रूज़ मिसाइलें और बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। इस हमले में एक एफ-16 फाइटर जेट पायलट की मौत हो गई, जो कि यूक्रेन को हाल ही में अमेरिका द्वारा सौंपे गए लड़ाकू विमानों में से एक उड़ा रहा था।
यूक्रेनी एयरफोर्स ने बताया कि रूस ने इस बार यूक्रेन के एयरस्पेस में करीब 100 से अधिक मिसाइल और ड्रोन दागे। राजधानी कीव सहित लवीव, खारकीव और ओडेसा जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया। ईरानी कामिकाज़े ड्रोन्स 'शहीद-136' ने विशेष रूप से रिहायशी इलाकों और सैन्य अड्डों पर हमला किया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।
इस हमले में यूक्रेन के एफ-16 फाइटर जेट का एक पायलट शहीद हो गया। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, पायलट ने अंतिम समय तक हमले को टालने की कोशिश की लेकिन दुश्मन मिसाइल की चपेट में आने से विमान ध्वस्त हो गया।
यूक्रेन को हाल ही में अमेरिका से एफ-16 फाइटर जेट्स की पहली खेप मिली थी। इस हमले में एफ-16 का पहला पायलट खोने के बाद अमेरिकी और नाटो सहयोगियों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह हमला केवल सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है – कि वह पश्चिमी सैन्य सहयोग का जवाब बेहद आक्रामक ढंग से देगा।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि यह हमला “यूक्रेनी सैन्य ठिकानों को निष्क्रिय करने के लिए किया गया एक रणनीतिक कदम” था। रूस ने दावा किया कि उसके सभी निशाने सटीक रूप से भेदे गए हैं।
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया कि कुछ सैन्य संचार केंद्र, हथियार भंडार और वायु सुरक्षा प्रणाली इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि, यूक्रेनी वायुसेना ने 70 से अधिक ड्रोन्स और मिसाइलों को मार गिराने का भी दावा किया।
यह हमला यूक्रेन युद्ध के इतिहास में एक नया मोड़ साबित हो सकता है। युद्ध विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और भी हिंसक हो सकता है। वहीं, आम नागरिकों के लिए यह एक और भयावह रात साबित हुई – जिसमें हवा में सिर्फ धमाकों की आवाजें थीं और ज़मीन पर छाया था डर।