जंगल की गुफा में 7 साल से रह रही रूसी महिला बेटियों संग मिली, कर्नाटक के गोकर्ण से चौंकाने वाला मामला

जंगल की गुफा में 7 साल से रह रही रूसी महिला बेटियों संग मिली, कर्नाटक के गोकर्ण से चौंकाने वाला मामला

बेंगलुरु, 12 जुलाई 2025 — कर्नाटक के गोकर्ण से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रूसी महिला अपनी दो बेटियों के साथ बीते सात वर्षों से जंगल की एक खतरनाक गुफा में रह रही थी। यह चौंकाने वाला खुलासा पुलिस और वन विभाग की संयुक्त गश्त के दौरान हुआ।

आध्यात्मिक साधना के लिए गुफा में बनाई थी अस्थायी झोपड़ी

गोकर्ण पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर श्रीधर एस.आर. और उनकी टीम ने 9 जुलाई की शाम को रामतीर्थ पहाड़ी क्षेत्र में गश्त के दौरान एक गुफा में हलचल देखी। जांच करने पर उन्हें 40 वर्षीय रूसी महिला नीना कुटीना, उसकी 6 वर्षीय बेटी प्रेमा और 4 वर्षीय बेटी एमा के साथ गुफा में रहती मिलीं।

पूछताछ में कुटीना ने बताया कि वह आध्यात्मिक शांति और एकांत की तलाश में गोवा से गोकर्ण आई थीं और उन्होंने जंगल में रहना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने गुफा को ही अपना घर बना लिया था, ताकि ध्यान और साधना कर सकें।

खतरे से भरे इलाके में रह रहे थे मासूम बच्चे

हालांकि कुटीना के इरादे भले ही आध्यात्मिक रहे हों, लेकिन पुलिस और अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता थी। रामतीर्थ पहाड़ी क्षेत्र भूस्खलन संभावित क्षेत्र (लैंडस्लाइड जोन) में आता है और यहां कई जहरीले सर्प और जंगली जानवरों का खतरा है।

महिला को काउंसलिंग देने के बाद पुलिस टीम ने उसे और बच्चों को सुरक्षित गुफा से बाहर निकाला। बाद में उन्हें कारवार स्थित महिला स्वागत केंद्र में स्थानांतरित किया गया।

वीजा दस्तावेजों को लेकर महिला ने की टालमटोल

पुलिस द्वारा जब वीजा और पासपोर्ट के बारे में पूछा गया, तो कुटीना पहले तो जानकारी देने से बचती रहीं। बाद में उन्होंने कहा कि दस्तावेज गुफा में ही कहीं खो गए हैं। इसके बाद पुलिस और वन विभाग ने एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया, जिसमें पासपोर्ट और वीजा दस्तावेज बरामद हुए।

साल 2017 में भारत आई थी, 2018 में लौटने का परमिट भी मिला

जांच में पता चला कि कुटीना 17 अप्रैल 2017 तक वैध कमर्शियल वीजा पर भारत आई थीं। उन्हें 19 अप्रैल 2018 को एफआरआरओ गोवा से एक एग्जिट परमिट भी जारी किया गया था, जिसके बाद वह नेपाल चली गईं। हालांकि, वह 8 सितंबर 2018 को दोबारा भारत में दाखिल हुईं और तब से अवैध रूप से यहां रह रही हैं।

अब सुरक्षा हिरासत में, रूस भेजने की प्रक्रिया शुरू

वीजा उल्लंघन के मद्देनज़र महिला और उसकी बेटियों को महिला एवं बाल विकास विभाग के देखरेख में सुरक्षात्मक हिरासत में रखा गया है। उत्तर कन्नड़ जिले के पुलिस अधीक्षक ने बेंगलुरु स्थित एफआरआरओ (FRRO) के साथ संपर्क कर उन्हें रूस वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है

परिवार को आगे की कार्यवाही के लिए जल्द ही एफआरआरओ कार्यालय बेंगलुरु में पेश किया जाएगा