15 साल के सिंगर जोनस कोनर की सलमान खान ने की तारीफ

दर्द और सच्चाई से लिखे गीतों ने जीता बॉलीवुड सुपरस्टार का दिल

15 साल के सिंगर जोनस कोनर की सलमान खान ने की तारीफ

नई दिल्ली, 14 सितंबर 2025:
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अक्सर अपनी फिल्मों और बड़े पर्दे पर अपनी शख्सियत के लिए सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन इस बार वे किसी फिल्म या प्रमोशन नहीं बल्कि एक टीनएज सिंगर की वजह से चर्चा में हैं। सलमान ने सोशल मीडिया पर अमेरिका के 15 वर्षीय गायक-गीतकार जोनस कोनर की जमकर तारीफ की है।


सलमान खान का पोस्ट

रविवार को सलमान खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें जोनस कोनर गिटार बजाते दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर के साथ सलमान ने लिखा:
“मैंने कभी किसी 15 साल के बच्चे को अपने दर्द को इतनी खूबसूरती से बयां करते नहीं देखा। भगवान तुम्हारा भला करे, जोनस कोनर। बार-बार सुन रहा हूँ — Father in a Bible, Peace with Pain, Oh Appalachia।”

सलमान ने अपने कैप्शन में साफ कहा कि इतनी छोटी उम्र में इतनी गहराई और सच्चाई से दर्द को शब्दों में पिरोना काबिले तारीफ है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि “ऐसी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना चाहिए, न कि उनका शोषण।”


कौन हैं जोनस कोनर?

जोनस कोनर अमेरिका के रहने वाले एक युवा गायक और गीतकार हैं। वे महज़ 15 साल के हैं लेकिन उनके गीतों में जीवन का दर्द, रिश्तों की जटिलता और आत्मिक पीड़ा को बड़ी परिपक्वता के साथ प्रस्तुत किया गया है।
उनके गाने Father in a Bible, Peace with Pain और Oh Appalachia इंटरनेट पर खूब लोकप्रिय हो रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इतनी कम उम्र में इतनी गहराई से शब्द और धुन गढ़ पाना असाधारण है।


संगीत में झलकती सच्चाई

जोनस के गीतों को सुनने वालों का कहना है कि उनकी आवाज़ और शब्द सीधे दिल को छू जाते हैं। Peace with Pain में उन्होंने तकलीफ़ और उससे मेल-मिलाप की जद्दोजहद दिखाई है, जबकि Father in a Bible पिता के प्रति भावनाओं और आस्था की बात करता है। Oh Appalachia में उन्होंने अपनी जड़ों और संस्कृति के प्रति लगाव को सुरों में पिरोया है।


सलमान की प्रतिक्रिया क्यों अहम?

सलमान खान जैसे बड़े स्टार का सार्वजनिक समर्थन किसी भी नए कलाकार के लिए बड़ी बात होती है। इससे न सिर्फ़ जोनस की पहचान बढ़ेगी, बल्कि दुनियाभर के श्रोताओं तक उनकी कला पहुँचेगी। सलमान ने यह संदेश भी दिया कि टैलेंट को उम्र या अनुभव से नहीं आँकना चाहिए, बल्कि उसे प्रोत्साहन देना चाहिए।