गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली कर सकते हैं प्रतिनिधित्व

गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली कर सकते हैं प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली। देश 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली भव्य परेड और झांकियां हमेशा की तरह देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और सैन्य शक्ति को प्रदर्शित करेंगी। इस बीच मनोरंजन जगत से जुड़ी एक अहम खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा को समर्पित एक विशेष झांकी शामिल की जा सकती है, जिसके प्रतिनिधित्व के लिए मशहूर फिल्म निर्देशक Sanjay Leela Bhansali का नाम सामने आया है।

बताया जा रहा है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से भारतीय सिनेमा की समृद्ध विरासत और वैश्विक पहचान को दर्शाने के लिए यह पहल की जा रही है। अगर यह योजना अमल में आती है, तो 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर भारतीय सिनेमा की झलक देखने को मिलेगी, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

पहली बार कोई फिल्म निर्देशक परेड से जुड़ सकता है
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि संजय लीला भंसाली गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनते हैं, तो वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय फिल्म निर्देशक होंगे। यह न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे भारतीय फिल्म उद्योग के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। हालांकि, इस खबर को लेकर अभी तक भंसाली या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सफल फिल्मों से बनाई खास पहचान
संजय लीला भंसाली का नाम बॉलीवुड के उन चुनिंदा निर्देशकों में शामिल है, जिन्होंने अपनी भव्यता, संगीत और कहानी कहने के अनोखे अंदाज से अलग पहचान बनाई है। ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘देवदास’, ‘ब्लैक’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘पद्मावत’ और ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयां दी हैं।

आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में
कामकाज की बात करें तो संजय लीला भंसाली इन दिनों आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा वह फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ के सह-निर्माता भी हैं, जो 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

फिलहाल, सबकी निगाहें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। यदि यह खबर सच साबित होती है, तो गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की मौजूदगी देश के सांस्कृतिक गौरव को एक नया आयाम देगी।