सिडनी, ऑस्ट्रेलिया — शहर की शांति को हाल ही में हुए हिंसक और संगठित हमलों ने चकनाचूर कर दिया है। ये हमले न सिर्फ स्थानीय पुलिस प्रशासन को सतर्क कर रहे हैं, बल्कि एक बार फिर वियतनामी संगठित अपराध गिरोहों को सुर्खियों में ला खड़ा किया है। ये गिरोह अब तक छिपकर काम करते थे, लेकिन हालिया घटनाओं ने उनके रहस्यमयी वजूद को उजागर कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वियतनामी माफिया गैंग अत्यंत संगठित, बर्बर और गुप्त तरीके से अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित करते हैं। इनमें ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, अवैध हथियारों का कारोबार और मानव तस्करी जैसे संगीन अपराध शामिल हैं।
हाल में सिडनी के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी उपनगरों में हुई गोलीबारी और आगजनी की घटनाएं इन गिरोहों के बीच चल रहे वर्चस्व की लड़ाई को दर्शाती हैं। ये हमले इतने पेशेवर ढंग से अंजाम दिए गए कि पुलिस को भी शुरुआत में अंदाज़ लगाना मुश्किल हुआ कि इनके पीछे कौन है। लेकिन जांच में मिले सुराग सीधे वियतनामी अपराध संगठनों की ओर इशारा कर रहे हैं।
वियतनामी गिरोह कोई नया खतरा नहीं हैं। 1990 के दशक से ये गैंग न्यू साउथ वेल्स में अपनी जड़ें जमा चुके हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में इनके ऑपरेशन अधिक गुप्त, डिजिटल और विस्तृत हो गए हैं। अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि ये गैंग अपनी क्रूरता को एक ‘ब्रांड’ की तरह इस्तेमाल करते हैं, जिससे स्थानीय समुदायों में डर का माहौल बना रहे।
न्यू साउथ वेल्स पुलिस विभाग के अनुसार, इन गिरोहों को पकड़ना आसान नहीं है। ये लोग तकनीक का बखूबी इस्तेमाल करते हैं – एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप, बर्नर फोन्स और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के जरिये वे आसानी से कानून से बच निकलते हैं। इसके अलावा, समुदायों में इनकी ‘चुप्पी की संस्कृति’ के कारण गवाह जुटाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
पुलिस ने स्थानीय वियतनामी समुदाय से सहयोग की अपील की है ताकि इन अपराधियों की पहचान कर उन्हें सजा दिलाई जा सके। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ इन क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समावेशन की पहलें भी जरूरी हैं, ताकि युवा ऐसे संगठनों के प्रभाव से बच सकें।