भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच गुरुवार से लंदन के द ओवल मैदान पर खेला जाएगा। सीरीज इस वक्त इंग्लैंड के पक्ष में 2-1 है और भारत को सीरीज ड्रॉ कराने के लिए यह टेस्ट हर हाल में जीतना होगा। इस निर्णायक मुकाबले से पहले भारतीय टीम प्रबंधन के सामने फाइनल इलेवन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
सीरीज शुरू होने से पहले ही जसप्रीत बुमराह ने कहा था कि वह तीन टेस्ट तक ही सीमित रहेंगे। अब तक वह दो लगातार टेस्ट खेल चुके हैं। लॉर्ड्स टेस्ट में उनकी रफ्तार भी पहले जैसी नहीं दिखी — 95% गेंदें 140 किमी/घंटे से कम की थीं। लेकिन बुमराह का मैदान पर मौजूद होना ही विपक्षी टीम के लिए दबाव बनाता है।
अब सवाल यह है कि क्या बुमराह 'करो या मरो' वाले इस टेस्ट के लिए खुद को फिट मानते हैं? और अगर नहीं खेलते, तो उनकी जगह कौन आएगा?
कुलदीप यादव को इस सीरीज में अब तक नजरअंदाज किया गया है। लॉर्ड्स में खराब गेंदबाज़ी प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा और जोर पकड़ गया है। सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई भी कुलदीप की अनदेखी से संतुष्ट नहीं है।
अब सवाल यह है कि क्या ओवल की पिच एक अतिरिक्त स्पिनर को खेलने लायक होगी? क्या कुलदीप को आखिरकार अंतिम टेस्ट में मौका मिलेगा?
लॉर्ड्स टेस्ट में अंशुल कांबोज को डेब्यू कराया गया, लेकिन उनकी सीमित गति (125-130 किमी/घंटा) और अनुभवहीनता को लेकर खूब आलोचना हुई। अब तय माना जा रहा है कि ओवल में वह नहीं खेलेंगे।
लेकिन उनका विकल्प कौन होगा? क्या प्रसिद्ध कृष्णा या जयदेव उनादकट जैसे गेंदबाज़ों को आज़माया जाएगा? या कोई और नया चेहरा मौका पाएगा?
मंगलवार को पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर की ओवल के पिच क्यूरेटर से तीखी बातचीत की तस्वीरें सामने आईं, जिसने माहौल और गर्मा दिया। यह साफ नहीं है कि पिच स्पिनरों की मदद करेगी या तेज गेंदबाज़ों की। ऐसे में अंतिम इलेवन का चयन और भी पेचीदा हो गया है।