कांग्रेस पार्टी में एक बार फिर भीतरघात और गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है। केरल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने लोकसभा सांसद शशि थरूर को लेकर एक तीखा बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मुरलीधरन ने साफ शब्दों में कहा कि "शशि थरूर अब हमारे नहीं रहे।"
यह बयान तब आया है जब थरूर हाल ही में पार्टी लाइन से इतर बयानों और गतिविधियों के चलते सुर्खियों में हैं। मुरलीधरन ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "थरूर अब कांग्रेस पार्टी के विचारों और नेतृत्व के साथ नहीं खड़े हैं। वह खुद को पार्टी से अलग-थलग कर चुके हैं और उनकी प्राथमिकताएं अब बदल चुकी हैं।"
इस बयान से यह साफ हो गया है कि केरल कांग्रेस में शशि थरूर को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। खासकर राज्य स्तर के नेताओं को थरूर की बढ़ती लोकप्रियता और 'राष्ट्रीय चेहरा' बनने की कोशिशों पर ऐतराज़ है।
कुछ दिन पहले थरूर ने एक टीवी इंटरव्यू में कांग्रेस नेतृत्व को लेकर नरमी दिखाई थी, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी को "आधुनिक और प्रगतिशील दृष्टिकोण" अपनाना चाहिए। उनके इस बयान को भी पार्टी के पारंपरिक नेताओं ने नापसंद किया था।
हालांकि, कांग्रेस हाईकमान की ओर से अब तक इस विवादास्पद बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आलाकमान इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रहा है।
शशि थरूर ने फिलहाल इस बयान पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिया कि वह "अपने सिद्धांतों और जनसेवा के मार्ग पर अडिग हैं।"