सिंगापुर – जहां एक ओर सिंगापुर आधुनिकता, तकनीक और सफाई के लिए जाना जाता है, वहीं इसके बाहरी इलाके में स्थित एक थीम पार्क ऐसा भी है जो लोगों को ‘नरक’ का अहसास कराता है। हम बात कर रहे हैं हॉ पार विला की – एक ऐसा पार्क जिसे देख कर आपके रोंगटे खड़े हो सकते हैं।
1937 में टाइगर बाम के निर्माता के बेटे अव बून हाव द्वारा बनवाया गया यह पार्क आज 88 वर्ष पुराना हो चुका है। इसे अपने भाई अव बून पार की स्मृति में बनाया गया था और उनके नामों को मिलाकर इसका नाम हॉ पार विला रखा गया।
कभी बच्चों और परिवारों के लिए बनाया गया यह पार्क आज अपनी विचित्रता, डरावने दृश्यों और विचलित करने वाले कलाकृतियों के लिए कुख्यात हो चुका है। पार्क में 8.5 हेक्टेयर में फैले हुए 1000 से अधिक जीवन्त मूर्तियाँ हैं जो चीनी पौराणिक कथाओं, नैतिक कहानियों और मृत्यु से जुड़ी अवधारणाओं को दर्शाती हैं।
'डिज़नीलैंड' या डर की दुनिया?
पार्क की शुरुआत रंगीन और पारंपरिक चीनी सजावट से होती है – एक भव्य लाल द्वार, चटकीले रंगों की चट्टानों से घिरी पगडंडी और टाइगर बाम के प्रतीक चिह्नों से सजा हुआ मार्ग।
लेकिन जैसे-जैसे आगंतुक अंदर जाते हैं, माहौल तेजी से बदलता है। आपको मिलेगी ऐसी भयानक झलकियां जिन्हें देखकर बच्चे तो क्या, बड़े भी कांप जाएं। एक जगह आधे सूअर और आधे इंसान जैसी अजीब आकृति अंडरवियर में घूमती दिखती है, कहीं चट्टानों के बीच से कटे हुए सिर झांकते हैं, तो वहीं एक हिरण और कछुआ चाय पीते नजर आते हैं।
हेल्स म्यूजियम – नरक के दर्शन
पार्क के भीतर ‘हेल्स म्यूजियम’ नाम का एक हिस्सा है, जो चीन के पारंपरिक 10 नरकों को दर्शाता है। यहां पापों के लिए मिलने वाली सज़ाओं को इतने ग्राफिक रूप में दिखाया गया है कि कमजोर दिल वाले लोग इसे देखना पसंद नहीं करते।
एक विचित्र श्रद्धांजलि
इस जगह को बनाने के पीछे मकसद था – नैतिक शिक्षा देना, जीवन और मृत्यु के बीच संतुलन समझाना। लेकिन बदलते समय के साथ यह पार्क मनोरंजन के बजाय एक ‘क्यूरियोसिटी’ यानी जिज्ञासा का केंद्र बन गया है।
आज भी यह पार्क सिंगापुर आने वाले सैलानियों के लिए एक अनोखा अनुभव बन चुका है – जहां रंग-बिरंगे दृश्य और डरावने चित्रण साथ-साथ चलते हैं।