ओवल (लंदन), संवाददाता।
भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात हो जुझारूपन और जुनून की, तो टीम इंडिया किसी से कम नहीं। ओवल टेस्ट में भारत ने मेज़बान टीम को रोमांचक मुकाबले में हरा कर इतिहास रच दिया। यह जीत भारत की टेस्ट इतिहास में सबसे कम रन अंतर से दर्ज की गई जीतों में से एक बन गई है। इस जीत के नायक रहे तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा, जिन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय पेस अटैक की ताकत दुनिया को दिखाई।
मुकाबले की शुरुआत से ही मोहम्मद सिराज पूरे लय में नजर आए। पहली पारी में उन्होंने सटीक लाइन-लेंथ और स्विंग गेंदबाज़ी से विपक्षी बल्लेबाज़ों को खूब परेशान किया। दूसरी पारी में उन्होंने और भी खतरनाक अंदाज़ में गेंदबाज़ी करते हुए कुल 9 विकेट अपने नाम किए। उनका यह प्रदर्शन विदेशी ज़मीन पर भारतीय गेंदबाज़ों के बेहतरीन स्पैल्स में गिना जाएगा।
जहां सिराज ने आक्रमण की कमान संभाली, वहीं प्रसिद्ध कृष्णा ने दूसरे छोर से दबाव बनाए रखा। उन्होंने निर्णायक मौकों पर विकेट झटक कर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। उनका संयम और अनुशासित गेंदबाज़ी ने भारतीय जीत में अहम योगदान दिया।
ओवल टेस्ट का अंतिम दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। रन और विकेट के बीच चल रही रस्साकशी ने दर्शकों को आखिरी ओवर तक बांधे रखा। लेकिन अंत में सिराज और कृष्णा की जोड़ी ने विपक्षी टीम को समेट कर भारत को महज़ कुछ ही रनों से ऐतिहासिक जीत दिला दी।
मैच के बाद कप्तान और कोच दोनों ने सिराज और कृष्णा की तारीफों के पुल बांधे। कप्तान ने कहा, "यह जीत हमारी टीम के जज़्बे और मेहनत का परिणाम है। सिराज और कृष्णा की जोड़ी ने जिस तरह से गेंदबाज़ी की, वह काबिल-ए-तारीफ है।"
जैसे ही आखिरी विकेट गिरा, पूरी टीम मैदान पर दौड़ पड़ी और भारत का तिरंगा गर्व से ओवल के मैदान पर लहराने लगा। यह नज़ारा हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी के लिए गौरव और गर्व का पल था।