ऑस्ट्रेलिया की ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन-ग्रांट ने बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों जैसे Apple, Google, Meta और Microsoft पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि ये कंपनियाँ अपने प्लेटफॉर्म पर हो रहे बच्चों के यौन शोषण और उत्पीड़न को रोकने में गंभीरता नहीं दिखा रही हैं, बल्कि "आँखें मूंदे बैठी हैं"।
कमिश्नर की रिपोर्ट में बताया गया कि ये दिग्गज तकनीकी कंपनियाँ न तो यौन शोषण से जुड़ी सामग्री की पहचान के लिए जरूरी टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं और न ही बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 8 प्रमुख प्लेटफॉर्म—Apple, Discord, Google (YouTube की मूल कंपनी), Meta (Facebook और Instagram की मूल कंपनी), Microsoft, Skype, Snap और WhatsApp— में से किसी ने भी बच्चों के यौन शोषण की पहचान के लिए टूल्स का प्रयोग नहीं किया।
जांच में क्या सामने आया:
Hash Matching टूल का अभाव: Apple, Discord, Google और Microsoft जैसे प्लेटफॉर्म ऐसे टूल्स का उपयोग नहीं कर रहे हैं जो पहले से चिन्हित आपत्तिजनक सामग्री को पहचानने में सक्षम हों।
प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं: YouTube और Apple यह नहीं बता सके कि उन्हें कितनी शिकायतें मिलीं या उन पर कार्रवाई करने में कितना समय लगा।
कर्मचारी डेटा छुपाया गया: दोनों कंपनियाँ यह भी नहीं बता पाईं कि उनके ‘ट्रस्ट एंड सेफ्टी’ विभाग में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं।
केवल Meta सक्रिय: रिपोर्ट में बताया गया कि सिर्फ Meta ने ग्रूमिंग (ऑनलाइन बहलाकर शोषण की प्रक्रिया) की पहचान के लिए टूल्स अपनाए हैं, और Meta व WhatsApp ही ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जो ‘सेक्स्टॉर्शन’ (यौन ब्लैकमेलिंग) की पहचान कर सकते हैं।
जूली इनमैन-ग्रांट का बयान:
“जब इन कंपनियों को खुद पर छोड़ दिया जाता है, तो वे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं देतीं,” उन्होंने कहा। “कोई अन्य उपभोक्ता सेवा देने वाला उद्योग अगर बच्चों के खिलाफ इस तरह के अपराधों को नज़रअंदाज़ करता, तो उसे काम करने की इजाज़त नहीं मिलती।”
कमिश्नर ने कहा कि इन कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए “वास्तविक और ठोस कदम” उठाने होंगे।
सोशल मीडिया पर नए प्रतिबंध:
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब संचार मंत्री अन्निका वेल्स ने घोषणा की है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंधित किया जाएगा—जिसमें YouTube भी शामिल है। हालांकि, बच्चे लॉग आउट मोड में या अभिभावक के अकाउंट से प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकेंगे।