कैनबरा/दुबई। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच करीब 1,15,000 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के फंसे होने की आशंका ने ऑस्ट्रेलिया सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हालात बिगड़ने की आशंका के चलते प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नेताओं के साथ आपातकालीन वार्ता की है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि क्षेत्र में यात्रा और हवाई सेवाओं में भारी अव्यवस्था (ट्रैवल ‘मेहम’) की स्थिति बन सकती है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या स्थगित की जा चुकी हैं, जिससे हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल (एडीएफ) ने संभावित निकासी अभियान की तैयारी के लिए एक विशेष टास्कफोर्स का गठन किया है। यह टास्कफोर्स समुद्र और वायु मार्ग से नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के विकल्पों का अध्ययन कर रही है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, “हम हर संभव विकल्प पर विचार कर रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।”
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने कहा कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यूएई सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने और सुरक्षित ट्रांजिट की संभावनाओं पर चर्चा की है। यूएई को क्षेत्र में एक प्रमुख ट्रांजिट हब माना जाता है, जहां से बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक यात्रा करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने मध्य पूर्व में रह रहे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सलाह दी है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और दूतावास के संपर्क में रहें। साथ ही, नागरिकों को अपनी यात्रा योजनाओं की समीक्षा करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की चेतावनी दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय स्थिति और बिगड़ती है, तो बड़े पैमाने पर निकासी अभियान की आवश्यकता पड़ सकती है। फिलहाल सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की तैयारी कर रही है।