ऑस्ट्रेलिया में 1 जुलाई से एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है, जिससे लाखों महिलाओं को वित्तीय रूप से फायदा होगा। अब सरकारी वित्तपोषित पेड पैरेंटल लीव (Paid Parental Leave) लेने वाले माता-पिता को सुपरएन्यूएशन (Superannuation) भुगतान भी मिलेगा। यह कदम महिला और पुरुषों के बीच रिटायरमेंट फंड में लंबे समय से चले आ रहे अंतर को कम करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
क्या बदलेगा?
जो भी माता-पिता सरकार से 24 सप्ताह का मातृत्व अवकाश लेते हैं, उन्हें उस दौरान सुपरएन्यूएशन का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। ऑस्ट्रेलियन सुपरएन्यूएशन फंड एसोसिएशन (ASFA) के अनुसार, यह योगदान रिटायरमेंट के समय महिलाओं को औसतन $7,200 (लगभग ₹4.8 लाख) तक का अतिरिक्त लाभ दे सकता है। जब यह अवकाश 26 सप्ताह तक बढ़ाया जाएगा, तो यह लाभ $7,800 (लगभग ₹5.2 लाख) तक पहुंच सकता है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
ASFA की CEO मैरी डेलाहन्टी ने कहा, “महिलाएं अक्सर परिवार बढ़ाने के कारण कुछ समय के लिए नौकरी से ब्रेक लेती हैं और इसका सीधा असर उनके रिटायरमेंट फंड पर पड़ता है। यह नया नियम इस असमानता को काफी हद तक दूर करने में मदद करेगा।”
उन्होंने आगे कहा कि अनिवार्य सुपरएन्यूएशन का मकसद सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सम्मानजनक रिटायरमेंट देना है, लेकिन अब तक महिलाएं इस सिस्टम से पूरी तरह से लाभान्वित नहीं हो पा रही थीं।
किन्हें होगा लाभ?
यह योजना हर साल लगभग 2 लाख ऑस्ट्रेलियाई माताओं को लाभ देगी और सुपरएन्यूएशन जेंडर गैप को करीब 30% तक कम करने में मदद करेगी।
निष्कर्ष:
यह कदम न केवल एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव है, बल्कि आने वाले वर्षों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में भी अहम भूमिका निभाएगा। अब मातृत्व का निर्णय महिलाओं के रिटायरमेंट फंड को प्रभावित नहीं करेगा, जिससे वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।