कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी नेता Sussan Ley ने अपने नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि लिबरल–नेशनल गठबंधन (कोएलिशन) इस सप्ताह के भीतर दोबारा एकजुट हो सकता है।
हाल के हफ्तों में गठबंधन में आई दरार के बाद सुश्री ले पर नेतृत्व चुनौती का दबाव बढ़ने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। यह विभाजन पिछले एक साल में दूसरी बार हुआ, जब उनके नेतृत्व में लिबरल पार्टी और नेशनल पार्टी के रास्ते अलग हुए।
नेशनल पार्टी ने लेबर सरकार के घृणा भाषण कानूनों (हेट स्पीच लॉ) को लेकर मतभेद के कारण गठबंधन से दूरी बना ली थी। इस विवाद में लिबरल पार्टी के खिलाफ मतदान करने वाले नेशनल पार्टी के तीन सीनेटरों पर कार्रवाई भी की गई थी।
ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (ABC) से बातचीत में सुश्री ले ने इस दावे को “पूरी तरह हास्यास्पद” बताया कि लिबरल पार्टी के वरिष्ठ नेता Angus Taylor अगले सप्ताह उनके खिलाफ नेतृत्व चुनौती पेश करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें मीडिया में फैलाई जा रही अटकलें हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
हालांकि पार्टी के दक्षिणपंथी गुट (राइट फैक्शन) में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा जरूर है, और एंड्रयू हैस्टी के दौड़ से हटने के बाद एंगस टेलर को संभावित दावेदार माना जा रहा है। इसके बावजूद सुश्री ले ने अपने नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया।
उधर, नेशनल पार्टी के नेता David Littleproud स्वयं हाल ही में एक नेतृत्व चुनौती से बचे हैं। सुश्री ले ने कहा कि उनके साथ “सद्भावना के आधार पर” बातचीत जारी है और गठबंधन को फिर से जोड़ने की कोशिशें हो रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्मिलन कुछ शर्तों पर ही संभव होगा। इनमें यह शामिल है कि शैडो कैबिनेट में अनुशासन अनिवार्य हो, संयुक्त पार्टी रूम को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले और जिन तीन सीनेटरों को निलंबित किया गया है, उनका निलंबन बरकरार रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस सप्ताह समझौता हो जाता है, तो इससे विपक्ष की स्थिति को स्थिरता मिल सकती है, जो हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण कमजोर हुई है।