कोएलिशन संकट के बीच सुसैन ले का भरोसा, नेशनल्स से बातचीत की गुंजाइश बरकरार

कोएलिशन संकट के बीच सुसैन ले का भरोसा, नेशनल्स से बातचीत की गुंजाइश बरकरार

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी राजनीति में बड़ी उथल-पुथल के बीच लिबरल पार्टी की नेता Sussan Ley ने कहा है कि नेशनल्स के साथ गठबंधन (कोएलिशन) के दरवाज़े अभी बंद नहीं हुए हैं। नेशनल्स पार्टी की बग़ावत के बाद पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने साफ कहा—“हां, मैं नेता बनी रहूंगी।”

हाल के घटनाक्रम में नेशनल्स पार्टी ने सुसैन ले के ख़िलाफ़ खुला विद्रोह कर दिया, जिसके तहत पार्टी के सभी 11 फ्रंटबेंच सदस्यों ने शैडो मिनिस्ट्री से इस्तीफ़ा दे दिया। नेशनल्स के नेता David Littleproud ने दावा किया कि उनकी पार्टी अब सुसैन ले के नेतृत्व में किसी भी शैडो मंत्रालय का हिस्सा नहीं बन सकती।

टीवी चैनल सेवन के कार्यक्रम सनराइज़ में पूछे गए सवाल पर कि क्या वह इस संकट के बीच नेता बनी रह पाएंगी, सुसैन ले ने तीन शब्दों में जवाब दिया—“Yes, I will.” उन्होंने कहा कि लिबरल और नेशनल्स पार्टियां जब साथ होती हैं, तब कोएलिशन सबसे मज़बूत होता है।

उन्होंने कहा, “दोनों पार्टियों की अलग-अलग लोकतांत्रिक परंपराएं हैं और हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम ऑस्ट्रेलियाई जनता के हित में मिलकर काम करें। दरवाज़ा बंद नहीं है, लेकिन मेरा पूरा ध्यान देश पर है।”

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही डेविड लिटिलप्राउड ने लिबरल-नेशनल्स संबंधों को “ख़त्म” बताते हुए कहा था कि उनकी पार्टी अब इस गठबंधन में वापस नहीं आ सकती। यह विवाद तब गहराया जब नेशनल्स के तीन वरिष्ठ सीनेटरों ने लेबर सरकार के हेट स्पीच क़ानूनों के ख़िलाफ़ मतदान किया, जबकि शैडो कैबिनेट ने इन क़ानूनों का समर्थन करने पर सहमति जताई थी। अनुशासनहीनता के आरोप में सुसैन ले ने इन तीनों को फ्रंटबेंच से हटा दिया, जिसके बाद यह ऐतिहासिक गठबंधन टूट गया।

यह दूसरी बार है जब सुसैन ले के नेतृत्व में नेशनल्स पार्टी ने लिबरल्स से दूरी बनाई है। इससे पहले मई महीने में भी ऐसा ही एक अल्पकालिक विद्रोह देखने को मिला था।