सिडनी, 30 दिसंबर
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में नववर्ष की पूर्वसंध्या पर होने वाले भव्य आतिशबाज़ी समारोह में अंतिम समय में एक बड़ा बदलाव किया गया है। बॉन्डी बीच में हुए आतंकी हमले के 15 पीड़ितों की स्मृति में अब सिडनी हार्बर ब्रिज पर यहूदी धार्मिक प्रतीक मेनोराह को रोशन किया जाएगा।
शुरुआत में सिडनी सिटी काउंसिल की योजना थी कि पुल पर शांति का प्रतीक कबूतर (डव) और “पीस” शब्द प्रदर्शित किया जाए। यह योजना यहूदी बोर्ड ऑफ डेप्युटीज़ से परामर्श के बाद बनाई गई थी। हालांकि, कई यहूदी-ऑस्ट्रेलियाई कलाकारों और लेखकों ने इसे “सामान्य और अस्पष्ट” बताते हुए आपत्ति जताई।
30 से अधिक यहूदी-ऑस्ट्रेलियाई रचनात्मक पेशेवरों ने लॉर्ड मेयर को पत्र लिखकर मांग की कि श्रद्धांजलि में कोई “यहूदी-विशिष्ट प्रतीक” शामिल किया जाए। पत्र में कहा गया कि केवल शांति का संदेश देना यहूदी विरोधी हिंसा की वास्तविक समस्या को छिपाता है और पीड़ितों की पहचान को मिटा देता है।
पत्र में यह भी कहा गया,
“जिन लोगों की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि वे यहूदी थे, उनकी पहचान को उनकी मृत्यु में स्वीकार न करना अपमानजनक है।”
इस पत्र के बाद सिडनी की लॉर्ड मेयर क्लोवर मूर ने अपने पहले फैसले पर पुनर्विचार किया। सोमवार दोपहर जारी बयान में उन्होंने पुष्टि की कि अब हार्बर ब्रिज पर मेनोराह को श्रद्धांजलि के रूप में शामिल किया जाएगा।
मेयर मूर ने कहा,
“मैं समुदाय की बात सुनती रहूंगी ताकि न्यू ईयर ईव पर बॉन्डी बीच में हुए भयावह हमले की स्मृति सम्मानजनक और उपयुक्त तरीके से की जा सके। यह शहर सभी संस्कृतियों, धर्मों और समुदायों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक होना चाहिए।”
नववर्ष की रात 11 बजे हमले में मारे गए लोगों की स्मृति में एक मिनट का मौन भी रखा जाएगा। अनुमान है कि इस वर्ष एक मिलियन से अधिक लोग सिडनी हार्बर पर नववर्ष समारोह देखने के लिए एकत्र होंगे।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर डैनी बेन-मोशे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यहूदी प्रतीक को न शामिल करना “आघात पर आघात” जैसा था।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा,
“अगर बाली बम धमाकों की स्मृति में ऑस्ट्रेलियाई झंडा न लगाया जाए, तो यह अकल्पनीय होगा। सिडनी में यहूदी समुदाय के साथ भी लगभग यही किया जा रहा था।”
अब मेनोराह को शामिल किए जाने के फैसले को यहूदी समुदाय ने पीड़ितों की पहचान और सम्मान को स्वीकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।