सिडनी में बनेगा "पेंसिल टॉवर", पड़ोसी विरोध में – ऊँची-पतली इमारतों का बढ़ता चलन

410 पिट स्ट्रीट पर गगनचुंबी इमारत का प्रस्ताव

सिडनी में बनेगा "पेंसिल टॉवर", पड़ोसी विरोध में – ऊँची-पतली इमारतों का बढ़ता चलन

ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख शहर सिडनी इन दिनों एक नई बहस का गवाह बन रहा है। शहर के बीचों-बीच 410 पिट स्ट्रीट पर बनने वाली एक गगनचुंबी इमारत, जिसे लोग "पेंसिल टॉवर" कह रहे हैं, सुर्खियों में है। यह इमारत बेहद ऊँची और पतली होगी, जिसका डिज़ाइन आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना माना जा रहा है। लेकिन इस परियोजना को लेकर स्थानीय लोग और पड़ोसी खासे नाराज़ हैं।

"सलामी स्लाइस टैक्टिक्स" पर उठे सवाल

निवासियों का कहना है कि बिल्डरों ने "सलामी स्लाइस टैक्टिक्स" का सहारा लिया है – यानी थोड़े-थोड़े बदलाव और अनुमतियों से धीरे-धीरे इतनी बड़ी परियोजना को मंजूरी दिलवाना। आलोचकों का आरोप है कि यह तरीका पारदर्शिता और शहरी योजना के सिद्धांतों के खिलाफ है।

वैश्विक रुझान से जुड़ा सिडनी

दरअसल, इस तरह की ऊँची-पतली इमारतों का चलन नया नहीं है। दुनिया के बड़े महानगरों—न्यूयॉर्क, हांगकांग और टोक्यो—की स्काईलाइन पहले ही इन "नीडल टावर्स" से बदल चुकी है। वहां यह ऊँचे-लंबे ढांचे बढ़ती जनसंख्या और सीमित जगह का समाधान माने जाते हैं। अब सिडनी भी इस वैश्विक दौड़ में शामिल होता दिख रहा है।

स्थानीय निवासियों की नाराज़गी

मकान मालिकों और आम लोगों का कहना है कि यह टॉवर उनकी धूप और हवा पर कब्ज़ा कर लेगा। ऊँचाई के कारण आसपास की बस्तियों पर छाया और शहरी बोझ बढ़ेगा। लोगों को डर है कि इलाके की पहचान और शांति नष्ट हो जाएगी। कई पड़ोसी इस वजह से इसे रोकने की मांग कर रहे हैं।

डेवलपर्स की दलील

वहीं, डेवलपर्स का कहना है कि शहरों में जमीन कम होती जा रही है और बढ़ती आबादी को देखते हुए इसी तरह के ऊँचे ढांचे भविष्य की ज़रूरत हैं। उनका दावा है कि यह इमारत न केवल सिडनी की पहचान बनेगी बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शहर को अलग मुकाम देगी।