सिडनी का पहला ‘वर्चुअल’ एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर, 17 किलोमीटर दूर से होगा विमान संचालन

सिडनी का पहला ‘वर्चुअल’ एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर, 17 किलोमीटर दूर से होगा विमान संचालन

सिडनी के पश्चिमी हिस्से में बन रहे नए हवाई अड्डे पर अब वह नज़ारा नहीं दिखेगा जो हम पारंपरिक रूप से एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर के साथ जोड़ते हैं। यहां कोई ऊंचा, कांच से घिरा टॉवर नहीं होगा, जिसमें कंट्रोलर खिड़कियों से रनवे पर नज़र डालते हैं। इसके बजाय, यहां होगा देश का सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत वर्चुअल एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर—जो असल में 17 किलोमीटर दूर स्थित एक साधारण ऑफिस बिल्डिंग के अंदर होगा।

इस “अदृश्य” टॉवर की आंखें होंगी 25 हाई-रेज़ॉल्यूशन कैमरे, जो हवाई अड्डे के हर कोने की लाइव, स्पष्ट और ज़ूम करने योग्य तस्वीरें कंट्रोल सेंटर तक भेजेंगे। ये कैमरे मौसम की बदलती परिस्थितियों और दिन-रात की रोशनी के अनुसार खुद को एडजस्ट करेंगे, ताकि दृश्य हमेशा साफ रहे।

ऑफिस में बैठे एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी इन कैमरों से मिलने वाली फ़ीड के साथ 360-डिग्री वर्चुअल व्यू का इस्तेमाल करेंगे, जिससे उन्हें ऐसा लगेगा मानो वे सीधे टॉवर में मौजूद हों। इससे उड़ानों की लैंडिंग, टेकऑफ़ और रनवे संचालन पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रणाली से संचालन और भी सुरक्षित और प्रभावी होगा, क्योंकि कैमरे वे एंगल और विवरण दिखा सकते हैं, जो मानव आंख से संभव नहीं। इसके अलावा, इस तकनीक से हवाई अड्डे पर भौतिक टॉवर बनाने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जिससे निर्माण लागत और रखरखाव खर्च में भी कमी आती है।

जब पश्चिमी सिडनी हवाई अड्डा अगले कुछ वर्षों में पूरी तरह संचालन के लिए खुल जाएगा, तब यह प्रणाली ऑस्ट्रेलिया में एयर ट्रैफिक कंट्रोल के एक नए युग की शुरुआत करेगी। यह नवाचार न केवल देश में, बल्कि दुनिया भर में एयर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए एक मिसाल बन सकता है।