सिडनी – ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकार द्वारा घोषित वेस्टकनेक्ट मोटरवे प्रोजेक्ट के चलते हजारों पेड़ काटे गए थे, जिसके बदले 6000 नए पेड़ लगाने का वादा किया गया था। लेकिन अब स्थिति यह है कि सरकार और निर्माण एजेंसियों के पास इन पेड़ों को लगाने के लिए पर्याप्त जगह ही नहीं है।
वेस्टर्न सिडनी में रहने वाले निवासियों का कहना है कि मोटरवे बनने से उनका इलाका प्रदूषण और शोर से भर गया है। पहले जहां हरियाली हुआ करती थी, अब वहां सिर्फ कंक्रीट की दीवारें और भारी ट्रैफिक नजर आता है।
स्थानीय निवासी पॉल डन कहते हैं,
“हमें बताया गया था कि जिन पेड़ों को काटा जाएगा, उनकी भरपाई की जाएगी। लेकिन अब तो पेड़ लगाने की जगह तक नहीं बची। क्या ये वादा सिर्फ कागज़ों पर ही था?”
सिडनी की कई नगर परिषदों ने भी इस समस्या पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि उन्हें पेड़ लगाने की योजना से जुड़ी कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। कुछ परिषदों का यह भी कहना है कि जिन जगहों पर पेड़ लगाए जा सकते थे, वे पहले ही शहरीकरण की भेंट चढ़ चुकी हैं।
इनर वेस्ट काउंसिल के एक प्रवक्ता ने कहा,
“हम इस परियोजना का समर्थन करते हैं, लेकिन जब हमें पहले से कोई योजना या भूमि चिन्हित करके नहीं दी जाती, तो इतने बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कर पाना संभव नहीं होता।”
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वृक्षारोपण कोई "नंबर गेम" नहीं है, जहां 6000 पौधे लगाकर जिम्मेदारी पूरी हो जाए। इसके लिए ज़मीन, उचित मिट्टी, पानी की सुविधा और रख-रखाव की जरूरत होती है।
सिडनी यूनिवर्सिटी के पर्यावरण शोधकर्ता डॉ. क्लेयर वॉटसन ने बताया,
“पेड़ों को लगाने से पहले यह देखना ज़रूरी है कि वे पांच या दस साल बाद भी जीवित रहें। जब उन्हें बिना सोचे-समझे ऐसी जगह लगा दिया जाता है, जहां उनका विकास संभव नहीं है, तो यह पूरी प्रक्रिया बेकार हो जाती है।”
राज्य सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है कि पेड़ आखिर लगाए कब और कहां जाएंगे। निर्माण एजेंसियां जैसे कि ट्रांसअर्बन और वेस्टकनेक्ट समूह इस मुद्दे पर गोलमोल जवाब दे रहे हैं।
हालांकि सरकारी अधिकारियों का यह तर्क है कि परियोजना के अंत में एक विस्तृत हरियाली योजना लागू की जाएगी – लेकिन लोगों को डर है कि तब तक बहुत देर हो जाएगी।
निवासी अब स्थानीय परिषदों से जवाब मांग रहे हैं और कई लोगों ने Change.org पर याचिकाएं भी शुरू की हैं, ताकि इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जा सके।
पड़ोस की एक सामुदायिक कार्यकर्ता एलिसन मॉरिस कहती हैं,
“यह केवल पेड़ों की बात नहीं है, यह समुदाय, स्वास्थ्य और भविष्य की बात है। हमें अपने बच्चों के लिए हरा भविष्य चाहिए, न कि एक धुंधला, प्रदूषित सिडनी।”