कैनबरा स्थित ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (ANU) में एक महिला अकादमिक ने चांसलर जूली बिशप पर गंभीर आरोप लगाते हुए सनसनी फैला दी है। पीड़िता ने भावुक होकर गवाही दी कि कथित कार्यस्थल उत्पीड़न और मानसिक दबाव के कारण वह आत्महत्या के करीब पहुँच गई थीं और इस दौरान उन्हें गर्भपात का भी सामना करना पड़ा।
पीड़िता के अनुसार, लगातार मानसिक प्रताड़ना और असंवेदनशील रवैये ने उनके स्वास्थ्य और निजी जीवन पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा कि इस माहौल में काम करना असंभव हो गया था और हालात इतने बिगड़ गए कि उन्होंने अपनी जान देने तक का विचार कर लिया।
सूत्रों के मुताबिक, मामला अब विश्वविद्यालय के भीतर और ऑस्ट्रेलियाई अकादमिक समुदाय में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है। कई कर्मचारी और पूर्व छात्र भी कार्यस्थल संस्कृति पर सवाल उठा रहे हैं।
जूली बिशप, जो ऑस्ट्रेलिया की पूर्व विदेश मंत्री रह चुकी हैं, पर पहले कभी ऐसे आरोप नहीं लगे थे। हालांकि, इस प्रकरण के बाद उनसे जवाबदेही और सफाई की मांग उठ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि वह मामले की गंभीरता को समझते हुए आवश्यक जांच प्रक्रिया शुरू करेगा।
मानवाधिकार संगठनों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस घटना को कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व की ओर एक गंभीर चेतावनी बताया है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप और सहायता देना बेहद ज़रूरी है, ताकि किसी भी तरह की त्रासदी टाली जा सके।