मुंबई/नई दिल्ली, 17 फरवरी 2026।
पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले महाराष्ट्र निवासी संतोष जगदाले के परिवार को सरकार द्वारा किया गया वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है। घटना के दस महीने बीत जाने के बाद भी उनकी बेटी असावरी जगदाले को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। इसे लेकर परिवार की निराशा और नाराज़गी सामने आई है।
हमले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के छह पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। इसी आश्वासन के आधार पर परिवार ने भविष्य की उम्मीदें संजोई थीं। आर्थिक सहायता की प्रक्रिया पूरी होने की बात कही जा रही है, लेकिन नौकरी का वादा अधूरा है।
असावरी जगदाले ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिता की असमय मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई है। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभागों से संपर्क करने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। “हर बार यही कहा जाता है कि प्रक्रिया चल रही है, लेकिन नियुक्ति पत्र कब मिलेगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है,” उन्होंने कहा।
इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि पीड़ित परिवारों के साथ किए गए वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक मानसिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
परिवार का कहना है कि सरकार की घोषणा के बाद उन्हें उम्मीद थी कि कुछ ही महीनों में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। हालांकि, दस महीने बीत जाने के बाद भी नियुक्ति पत्र न मिलना कई सवाल खड़े करता है।
अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कब तक स्पष्ट निर्णय लेते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाते हैं।