ब्राजील-अमेरिका संबंधों में बढ़ा तनाव: पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के घर छापा, सुप्रीम कोर्ट जज का अमेरिकी वीजा रद्द

ब्राजील-अमेरिका संबंधों में बढ़ा तनाव: पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के घर छापा, सुप्रीम कोर्ट जज का अमेरिकी वीजा रद्द

ब्राजील और अमेरिका के रिश्तों में खटास आने के संकेत मिलने लगे हैं। ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के खिलाफ तख्तापलट की साजिश के मामले में शुक्रवार को फेडरल पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा। सुप्रीम कोर्ट के जज एलेक्जेंडर डी मोरेस के आदेश पर यह कार्रवाई की गई, जिन्होंने बोल्सोनारो को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी टैग पहनने, रात में घर से बाहर न निकलने और सोशल मीडिया का उपयोग न करने के निर्देश भी दिए।

इस कार्रवाई के बाद अमेरिका की प्रतिक्रिया तीखी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो बोल्सोनारो के करीबी माने जाते हैं, ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। ट्रंप ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार देते हुए ब्राजील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। साथ ही, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जज एलेक्जेंडर डी मोरेस का अमेरिकी वीजा रद्द करने की भी घोषणा की।

राजनीतिक तनाव के केंद्र में बोल्सोनारो

पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो पर आरोप है कि उन्होंने 2022 में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की चुनावी जीत को रद्द करने के लिए सैन्य तख्तापलट की साजिश रची। जज मोरेस का कहना है कि बोल्सोनारो और उनके सहयोगी देश के लोकतांत्रिक संस्थानों के खिलाफ "शत्रुतापूर्ण गतिविधियों" में संलिप्त हैं।

बोल्सोनारो के बेटे और सांसद एडुआर्डो बोल्सोनारो ने अमेरिका से बयान जारी करते हुए पुष्टि की कि शुक्रवार सुबह उनके पिता के घर छापा मारा गया। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, "यह एक सुनियोजित राजनीतिक हमला है।" उन्होंने जज मोरेस पर पक्षपात और सुप्रीम कोर्ट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

ट्रंप का समर्थन और अमेरिका की कड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बोल्सोनारो के समर्थन में बयान देते हुए कहा, “यह एक विच हंट है। बोल्सोनारो के खिलाफ कार्रवाई न्याय की आड़ में राजनीतिक प्रतिशोध है।” ट्रंप प्रशासन द्वारा ब्राजील पर लगाया गया टैरिफ और जज का वीजा रद्द किया जाना इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी संवेदनशील बना रहा है।

एडुआर्डो बोल्सोनारो ने एक खुला पत्र जारी करते हुए कहा, "ब्राजील का सुप्रीम कोर्ट अब एक राजनीतिक गैंगस्टर की तरह काम कर रहा है। यह अमेरिका और ट्रंप सरकार को बदनाम करने की साजिश है।"

क्या आगे और बढ़ेगा विवाद?

ब्राजील में जहां बोल्सोनारो के खिलाफ कानून सख्ती से अपना काम कर रहा है, वहीं अमेरिका में ट्रंप और उनके सहयोगी इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं। दोनों देशों के नेताओं के बयानों और कदमों से साफ है कि यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है