थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहे सीमा तनाव ने एक नया मोड़ ले लिया है। थाईलैंड ने चीन, अमेरिका और मलेशिया जैसे प्रभावशाली देशों की मध्यस्थता प्रस्ताव को ठुकराते हुए साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को किसी तीसरे पक्ष की मदद के बिना, सीधे कंबोडिया के साथ सुलझाना चाहता है।
थाई सरकार के प्रवक्ता ने कहा,
"यह एक द्विपक्षीय मामला है, जिसे हम आपसी संवाद से सुलझाना चाहते हैं। हमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।"
बीते कुछ हफ्तों में थाईलैंड और कंबोडिया की सीमाओं पर गोलीबारी और सैन्य हलचल देखी गई है, जिससे तनाव और आशंकाएं बढ़ी हैं।
हालांकि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीज़फायर को लेकर शुरुआती बातचीत हुई है, जिससे शांति की उम्मीदें बनी हुई हैं।
चीन और अमेरिका दोनों ने कूटनीतिक पहल करते हुए थाईलैंड को मध्यस्थता का प्रस्ताव दिया था।
मलेशिया ने ASEAN मंच के ज़रिए समाधान का सुझाव रखा था।
लेकिन थाईलैंड ने हर प्रस्ताव पर एक ही जवाब दिया —
"यह हमारा और कंबोडिया का मामला है।"
विशेषज्ञों का मानना है कि थाईलैंड इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नेतृत्व दिखाना चाहता है।
थाई रुख यह स्पष्ट करता है कि वह 'क्षेत्रीय शक्ति' के रूप में अपनी पहचान बनाना चाहता है और बाहरी प्रभाव से दूरी बनाए रखना चाहता है।
कंबोडिया की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, वह भी विवाद का हल शांतिपूर्ण बातचीत के माध्यम से ही चाहता है।