थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा संघर्ष पर विराम, दोनों देशों ने तत्काल संघर्षविराम पर जताई सहमति

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा संघर्ष पर विराम, दोनों देशों ने तत्काल संघर्षविराम पर जताई सहमति

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच पिछले कई दिनों से चल रही घातक सीमा झड़पों के बाद आखिरकार दोनों देशों ने "तत्काल संघर्षविराम" (सीजफायर) पर सहमति जताई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सीमा पर हालात काफी गंभीर हो गए थे और दोनों तरफ जान-माल का बड़ा नुकसान हो चुका था। इस सीजफायर समझौते को एक बड़ा कूटनीतिक कदम माना जा रहा है जो क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

क्या हुआ अब तक?

बीते सप्ताहों में थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी गोलीबारी, मोर्टार और तोपों का इस्तेमाल देखने को मिला। संघर्षग्रस्त इलाकों से सैकड़ों नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी, जबकि दोनों पक्षों के सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों के घायल होने की खबरें भी सामने आईं। स्कूल, मकान और मंदिर जैसी सार्वजनिक संपत्तियाँ भी इस टकराव में क्षतिग्रस्त हुईं।

विवाद की जड़: प्राह विहेयर मंदिर

इस सीमा संघर्ष की जड़ प्राचीन प्राह विहेयर मंदिर (Preah Vihear Temple) है, जो दोनों देशों के बीच दशकों से विवाद का विषय बना हुआ है। यह मंदिर युनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, लेकिन इसका भौगोलिक स्थान थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवादित माना जाता है। वर्ष 2008 और 2011 में भी इसी मुद्दे को लेकर हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।

क्या बनी सहमति में बातें?

दोनों देशों ने न केवल सैन्य कार्रवाई तत्काल रोकने पर सहमति जताई है, बल्कि यह भी तय किया गया है कि:

  • सीमा पर संयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।

  • भविष्य में विवादों को सांविधानिक और कूटनीतिक तरीकों से सुलझाया जाएगा।

  • एक स्थायी संवाद प्रक्रिया चलाई जाएगी जिससे भविष्य में टकराव को रोका जा सके।

कंबोडिया के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "हम हिंसा की जगह संवाद को प्राथमिकता देंगे और क्षेत्र में स्थायित्व बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।"