नई दिल्ली।
देश में प्रॉपर्टी टैक्स का नियम सबके लिए समान है, लेकिन समझदारी से इसका इस्तेमाल वही करते हैं जो संपत्ति से संपत्ति बढ़ाना जानते हैं। बड़े कारोबारी और अमीर निवेशक टैक्स कानूनों की बारीकियों को समझकर अपनी प्रॉपर्टी से और ज़्यादा मुनाफ़ा कमाते हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनकी यह रणनीति केवल अमीरों के लिए नहीं है—इसे कोई भी अपनाकर धीरे-धीरे अपनी संपत्ति का साम्राज्य खड़ा कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमीर निवेशक प्रॉपर्टी पर मिलने वाले टैक्स लाभ का इस्तेमाल निवेश बढ़ाने में करते हैं। उदाहरण के लिए—किराए पर दी गई संपत्ति पर मिलने वाली छूट, होम लोन पर टैक्स रिबेट, और लंबे समय के निवेश पर मिलने वाला कैपिटल गेन टैक्स लाभ। यही फायदे धीरे-धीरे उन्हें और मज़बूत बनाते हैं।
यह कोई “जादू” नहीं है बल्कि धैर्य और समय का खेल है। जब निवेशक लगातार प्रॉपर्टी में निवेश करते रहते हैं और टैक्स लाभ को पुनः निवेश में लगाते हैं, तो उनकी संपत्ति कई गुना बढ़ जाती है। यही वजह है कि आज कई बड़े घराने अपने टैक्स प्रबंधन के बल पर अरबों की प्रॉपर्टी खड़ी कर चुके हैं।
टैक्स और निवेश की इन तकनीकों को समझना मुश्किल नहीं है। यदि आम परिवार भी समय रहते छोटे-छोटे निवेश से शुरुआत करें और सही योजना बनाकर टैक्स लाभ का इस्तेमाल करें, तो धीरे-धीरे उनका भी धन-संपत्ति बढ़ सकता है।