नई दिल्ली।
भारत लंबे समय से आर्थिक भगोड़ों विजय माल्या और नीरव मोदी को प्रत्यर्पित कराने की कोशिश कर रहा है। ब्रिटेन की अदालतों में अब तक यह सबसे बड़ी बाधा रही है कि भारतीय जेलों की स्थिति अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी नहीं उतरती। इसी कड़ी में हाल ही में ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा और तिहाड़ जेल का विस्तृत निरीक्षण किया।
प्रतिनिधिमंडल ने जेल की विभिन्न बैरकों, सुरक्षा इंतज़ामों, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और कैदियों की देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं को परखा। तिहाड़ प्रशासन ने उन्हें बताया कि उच्च सुरक्षा श्रेणी के कैदियों के लिए अलग सेल बनाए गए हैं, जहां चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाती है। जेल में आधुनिक कैमरे, इमरजेंसी अलार्म सिस्टम और विशेष गार्ड तैनात हैं।
ब्रिटिश टीम को यह भरोसा भी दिलाया गया कि प्रत्यर्पित अपराधियों को पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं, साफ-सुथरा भोजन और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य मानकों के अनुसार देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जेल में मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था है, ताकि कैदियों को किसी तरह की शारीरिक या मानसिक कठिनाई न झेलनी पड़े।
अतीत में ब्रिटेन की अदालतें माल्या और नीरव मोदी के प्रत्यर्पण में यही सवाल उठाती रही हैं कि भारत की जेलों में बंदियों के मानवाधिकारों का हनन हो सकता है। भारत सरकार ने इस बार साफ संकेत दिया है कि किसी भी प्रत्यर्पित भगोड़े के साथ अमानवीय या असुरक्षित व्यवहार नहीं होगा। तिहाड़ जेल प्रशासन की तैयारियों का विस्तृत खाका ब्रिटिश अधिकारियों के सामने रखा गया, ताकि भविष्य में अदालत में यह मुद्दा न उठ सके।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि CPS भारतीय तैयारियों से संतुष्ट होती है, तो ब्रिटेन की अदालतों में भारत का पक्ष और मजबूत हो जाएगा। इससे विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे मामलों में लंबे समय से चली आ रही देरी समाप्त हो सकती है और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ सकती है।
भारत सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि आर्थिक अपराधियों को अब बच निकलने का रास्ता नहीं मिलेगा। विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने संयुक्त रूप से यह रणनीति बनाई है कि जेलों की सुरक्षा और मानवाधिकार मानकों पर किसी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को आपत्ति करने का अवसर न मिले। तिहाड़ जेल की यह तैयारी उसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।