ऑस्ट्रेलिया के एक मेहनती ट्रेडी (कामगार) ब्रैडली टर्नर को उस समय बड़ा झटका लगा जब वह एक हाई-टेक स्कैम का शिकार हो गया और लगभग 17,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गंवा बैठा। लेकिन जो बात उसे सबसे ज्यादा चुभी, वो थी उसके बैंक ANZ का रिफंड—सिर्फ $1.86।
क्या हुआ था?
ब्रैडली टर्नर, जो ‘Pure Deco’ नाम की माइक्रो सीमेंटिंग कंपनी चलाते हैं, जून 2025 में एक "स्पूफिंग स्कैम" का शिकार हो गए। स्कैमर्स ने उनके मोबाइल पर ANZ बैंक के साथ चल रही एक असली टेक्स्ट चैट थ्रेड को हैक कर लिया और उसे ऐसा मैसेज भेजा कि उनका खाता हैक होने वाला है, इसलिए पैसे फौरन ट्रांसफर करें।
ब्रैडली ने घबराकर करीब $17,000 ट्रांसफर कर दिए। लेकिन जब उन्हें पता चला कि यह एक धोखाधड़ी थी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बैंक का रवैया
शुरुआत में ANZ बैंक ने ब्रैडली की शिकायत को बंद कर दिया और कोई रिफंड देने से इनकार कर दिया। लेकिन शिकायत के बाद मामला दोबारा खोला गया। फिर हाल ही में एक चिट्ठी में बैंक ने सूचित किया कि वे केवल $1.86 रिकवर कर पाए हैं।
इस चिट्ठी में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि इतने बड़े नुकसान में सिर्फ $1.86 ही कैसे वापस आया।
ब्रैडली ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं महीनों से जवाब का इंतजार कर रहा था और फिर ये जवाब आया कि मुझे सिर्फ $1.86 मिलेंगे? यह मेरे साथ मज़ाक करने जैसा है।”
बैंक की सफाई
ANZ बैंक ने इस केस पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि मामला Australian Financial Complaints Authority (AFCA) के पास है और उनकी तरफ से पूरी सहयोग किया जा रहा है।
बैंक ने यह भी माना कि स्कैमिंग एक गंभीर समस्या बन चुकी है और साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हालांकि बैंक ने कहा कि फंड रिकवर करने की क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि फ्रॉड कितनी जल्दी रिपोर्ट किया गया और पैसे कितनी जल्दी कहीं और ट्रांसफर कर दिए गए।
ब्रैडली की नाराज़गी
ब्रैडली का कहना है कि वह कभी भी इस स्कैम का शिकार नहीं होता अगर वो मैसेज ANZ के असली टेक्स्ट थ्रेड में नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक को अपने टेक्स्टिंग सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाना चाहिए ताकि स्कैमर्स उसमें घुसपैठ न कर सकें।
उनके मुताबिक, “ये कोई साधारण स्कैम नहीं था। स्कैमर ने खुद को ANZ के रूप में पेश किया और मैं यही समझ बैठा कि बैंक से ही सूचना आई है।”
क्या करें ग्राहक?
यह मामला एक चेतावनी है कि स्कैमर्स अब बहुत ही एडवांस तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं और ग्राहक को सतर्क रहना होगा। यदि किसी को संदिग्ध मैसेज आता है—even अगर वह बैंक के नाम से ही क्यों न हो—तो तुरंत बैंक से फोन पर या आधिकारिक ऐप से पुष्टि करें।