कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के आंतरिक ट्रेज़री दस्तावेज़ों से खुलासा हुआ है कि सरकारी अधिकारियों ने लेबर सरकार को पहले ही चेतावनी दी थी कि उसकी प्रस्तावित होमबायर योजना (Homebuyer Scheme) का असर आवास बाज़ार पर सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से बताए गए आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकता है।
दस्तावेज़ों के अनुसार, ट्रेज़री ने आगाह किया था कि यह योजना आवासीय मांग में “डिमांड शॉक्स” पैदा कर सकती है, जिससे मकानों की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि होने का जोखिम है। यह आकलन प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ और गृह मामलों की मंत्री क्लेयर ओ’नील द्वारा सार्वजनिक रूप से बताए गए 0.6 प्रतिशत के अनुमान से कहीं अधिक गंभीर प्रभाव की ओर इशारा करता है।
ट्रेज़री की आंतरिक सलाह में कहा गया है कि पहली बार घर खरीदने वालों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता, सीमित आवास आपूर्ति की स्थिति में, कीमतों को और ऊपर धकेल सकती है। इससे उन लोगों को नुकसान हो सकता है जो पहले से ही बढ़ती ब्याज दरों और महंगे मकानों से जूझ रहे हैं।
हालाँकि सरकार ने यह तर्क दिया है कि योजना का उद्देश्य युवा और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना आसान बनाना है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपूर्ति पक्ष में सुधार नहीं किया गया तो ऐसी योजनाएँ अनजाने में बाज़ार को और असंतुलित कर सकती हैं।
विपक्ष ने इस खुलासे को सरकार की “आर्थिक जोखिमों को कम आंकने” की नीति बताया है और मांग की है कि आवास संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक समाधान अपनाए जाएँ, न कि केवल मांग बढ़ाने वाली योजनाएँ।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश पहले ही गंभीर आवास संकट, किराए में बढ़ोतरी और घर खरीदने की घटती क्षमता से जूझ रहा है।