अमेरिका की राजनीति एक बार फिर बड़े खुलासों से हिल गई है। जहां एक ओर जेफरी एपस्टीन कांड पर दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चुपचाप एक ऐतिहासिक और संवेदनशील मुद्दे पर बड़ा कदम उठाते हुए मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या से संबंधित गोपनीय फाइलें सार्वजनिक कर दी हैं।
इतिहास की परतें खुलीं
इन दस्तावेज़ों में उस राजनीतिक माहौल, एफबीआई की भूमिका और सीआईए की सूचनाओं का जिक्र है जो 1968 में हुई डॉ. किंग की हत्या से पहले और बाद में सक्रिय थे। दस्तावेजों के अनुसार, डॉ. किंग को केवल नस्लीय घृणा का शिकार नहीं बनाया गया था, बल्कि उस समय की सत्ता संरचना में उन्हें लेकर भय और संदेह भी व्याप्त था।
ट्रंप खेमे की आक्रामक राजनीति
इसी बीच ट्रंप प्रशासन की नई खुफिया प्रमुख तुलसी गैबार्ड ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके प्रशासन पर बड़ा हमला बोला है। गैबार्ड ने ओबामा, हिलेरी क्लिंटन और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों पर 2016 की ट्रंप की जीत के बाद “झूठे खुफिया दस्तावेजों” के सहारे ट्रंप को सत्ता से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में अमेरिकी न्याय विभाग को एक आपराधिक सिफारिश भी भेजी है।
हालांकि, अमेरिका की खुफिया एजेंसियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी गैबार्ड के दावों से सहमत नहीं हैं। सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ की रिपोर्ट में रूसी हस्तक्षेप की पुष्टि की गई है, जिससे गैबार्ड के दावे कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।
हंटर बाइडन का गुस्सा भरा इंटरव्यू
वहीं, मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन ने एक यूट्यूबर एंड्रयू कैलाहन को दिए इंटरव्यू में मीडिया, डेमोक्रेटिक पार्टी के रणनीतिकारों और हॉलीवुड अभिनेता जॉर्ज क्लूनी पर तीखे शब्दों में निशाना साधा।
उन्होंने कहा, “क्लूनी कोई अभिनेता नहीं है, वो बस एक ब्रांड है। उसे किस हक से यह अधिकार है कि वो मेरे पिता जैसे व्यक्ति को – जिन्होंने इस देश की सेवा में 52 साल लगाए – नीचा दिखाए?”
यह बयान तब आया है जब क्लूनी ने एक लेख में राष्ट्रपति बाइडन की उम्र और मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें चुनावी दौड़ से हटने की सलाह दी थी।
राजनीति में असहमति और बिखराव
हंटर का यह बयान डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर चल रहे टकराव को उजागर करता है। पार्टी के भीतर अब यह बहस जोर पकड़ चुकी है कि क्या जो बाइडन 2024 की चुनावी हार के बाद पार्टी के लिए नेतृत्व करने लायक रह गए हैं।
निष्कर्ष
जहां एक ओर ट्रंप प्रशासन पुरानी और संवेदनशील फाइलें उजागर कर एक नई बहस शुरू कर रहा है, वहीं बाइडन परिवार आंतरिक आलोचनाओं से जूझ रहा है। अमेरिका की राजनीति में पारदर्शिता, सत्ता की लड़ाई और ऐतिहासिक न्याय – तीनों मोर्चों पर घमासान जारी है।