ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए हवाई हमलों को लेकर अमेरिका में जबरदस्त राजनीतिक घमासान मच गया है। हमलों के बाद न सिर्फ विरोधी पार्टियों ने ट्रंप की आलोचना की, बल्कि उनके अपने समर्थक गुट MAGA (Make America Great Again) से भी नाखुशी की आवाजें उठने लगी हैं।
इस हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर ट्रंप के वे पुराने ट्वीट्स वायरल हो गए हैं, जो उन्होंने वर्ष 2011 से 2013 के बीच उस समय के राष्ट्रपति बराक ओबामा के खिलाफ किए थे। उन ट्वीट्स में ट्रंप ने दावा किया था कि ओबामा चुनाव जीतने के लिए ईरान पर हमला कर सकते हैं।
एक पुराने ट्वीट में ट्रंप ने लिखा था –
“याद रखिए, मैंने बहुत पहले भविष्यवाणी की थी कि राष्ट्रपति ओबामा ईरान पर हमला करेंगे क्योंकि वे सही ढंग से बातचीत नहीं कर सकते – उनमें कौशल नहीं है!”
(11 नवम्बर 2013)
अब, उन्हीं बयानों के उलट खुद ट्रंप ने रविवार को ईरान की न्यूक्लियर साइट्स – फोर्डो, नतांज और इस्फहान – पर ‘बंकर बस्टर’ बम से हमला कर दिया, जिसे उन्होंने “पूरी तरह से तबाह करने वाला” बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव में "शक्ति के साथ शांति" (Peace through Strength) और “कोई नया युद्ध नहीं” की नीति को अपना प्रमुख वादा बनाया था। ऐसे में यह सैन्य कार्रवाई उनके ही घोषणापत्र के खिलाफ प्रतीत हो रही है।
ट्रंप के कट्टर समर्थकों में गिनी जाने वाली रिपब्लिकन सीनेटर मर्जोरी टेलर-ग्रीन ने भी इस फैसले पर नाराज़गी जताई और X पर लिखा –
“हर बार जब अमेरिका महानता की ओर बढ़ता है, हम किसी नए विदेशी युद्ध में फंस जाते हैं।”
यह सैन्य कार्रवाई ईरान और इज़रायल के बीच 8 दिनों से चल रहे संघर्ष के बाद हुई है, जिसमें 13 जून को इज़रायल के "पूर्व-खतरों को खत्म करने वाले" हमले से तनाव की शुरुआत हुई थी।
अब यह देखना बाकी है कि ट्रंप प्रशासन इस आलोचना से कैसे निपटेगा, और क्या यह कदम आगामी चुनावों पर असर डालेगा। अमेरिका के भीतर और बाहर, इस कदम को लेकर बहस तेज हो चुकी है।