ट्रंप ने बदला रुख, हथियार नीति पर वर्षों पुरानी सोच से पीछे हटे

मिनियापोलिस में नागरिक की मौत के बाद बयान ने मचाया राजनीतिक तूफ़ान

ट्रंप ने बदला रुख, हथियार नीति पर वर्षों पुरानी सोच से पीछे हटे

वॉशिंगटन/मिनियापोलिस।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने हथियार रखने के अधिकार को लेकर वर्षों से अपनाए गए अपने कड़े समर्थक रुख से अचानक पीछे हटते हुए चौंकाने वाला बयान दिया है। यह बयान मिनियापोलिस में इमिग्रेशन अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान आईसीयू नर्स एलेक्स प्रेट्टी की मौत के बाद आया है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रेट्टी को हथियार नहीं रखना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास “दो पूरी तरह भरी मैगज़ीन” होना गंभीर चिंता का विषय है। एक अन्य बातचीत में ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, “आप बंदूकें नहीं रख सकते।”

एलेक्स प्रेट्टी, जिनकी उम्र 32 वर्ष बताई जा रही है, के पास हथियार रखने का वैध लाइसेंस था। मिनेसोटा राज्य में छुपा हुआ हथियार (कन्सील्ड कैरी) रखना कानूनी है। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज के अनुसार, प्रेट्टी ने एक महिला को उठाने की कोशिश की थी जिसे कथित तौर पर अधिकारियों ने धक्का दिया था। इसके बाद इमिग्रेशन एजेंटों ने उन्हें मिर्च स्प्रे किया, ज़मीन पर गिराया और पीटा।

वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि प्रेट्टी का हथियार उनकी कमर में होल्स्टर में ही था। एक एजेंट ने हथियार निकाल लिया, इसके बावजूद बाद में अन्य एजेंटों ने प्रेट्टी पर कुल दस गोलियां चलाईं, जिनमें से छह गोलियां तब दागी गईं जब वह ज़मीन पर निश्चल पड़े थे।

हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रशासन के कुछ अधिकारियों द्वारा प्रेट्टी को “घरेलू आतंकवादी” बताए जाने की बात दोहराने से इनकार किया, लेकिन उनके बयान को पीड़ित को ही दोषी ठहराने के रूप में देखा जा रहा है।

इस घटना के बाद अमेरिका में इमिग्रेशन एजेंसियों की कार्रवाई, हथियार कानूनों और नागरिक अधिकारों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज़ हो गई है। विपक्षी नेताओं और मानवाधिकार संगठनों ने घटना की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।