ट्रंप टैरिफ का असर: खाद्य और रोज़मर्रा के सामान महंगे

ट्रंप टैरिफ का असर: खाद्य और रोज़मर्रा के सामान महंगे

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क, 10 अगस्त 2025
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा लागू किए गए नए आयात शुल्क (टैरिफ) का असर अब रोज़मर्रा की चीज़ों से लेकर लग्ज़री सामान तक पर दिखाई देने लगा है। इन टैरिफ़ के तहत 90 से ज़्यादा देशों से आने वाले सामान पर अतिरिक्त कर लगाया गया है, जिससे आम अमेरिकी परिवार का वार्षिक खर्च औसतन 2,400 डॉलर (करीब 2 लाख रुपये) तक बढ़ने का अनुमान है।

खाद्य और रोज़मर्रा के सामान महंगे

सुपरमार्केट और रेस्टोरेंट चेन पहले ही कीमतें बढ़ाना शुरू कर चुके हैं। बर्गर, ताज़ी सब्ज़ियां-फलों, कपड़े, जूते और फर्नीचर की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कपड़ों के दाम में लगभग 37% और चमड़े के उत्पादों में करीब 39% तक की वृद्धि हो सकती है।

बड़े ब्रांड्स का कदम

वॉलमार्ट, नाइकी, शीन, मेसीज़ और बेस्ट बाय जैसे रिटेल दिग्गजों ने “चयनित” प्रोडक्ट्स पर दाम बढ़ाना शुरू किया है। ऑटो सेक्टर भी प्रभावित है—फोर्ड और वोक्सवैगन जैसी कंपनियों ने कारों के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

लग्ज़री सेक्टर में झटका

फ्रेंच लग्ज़री ब्रांड हर्मेस ने अमेरिका में अपने मशहूर बिर्किन बैग और अन्य प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। कंपनी का कहना है कि यूरोपीय आयात पर लगे नए टैरिफ़ का असर संतुलित करने के लिए यह ज़रूरी कदम है। कुछ मॉडलों में 2,000 डॉलर (लगभग 1.66 लाख रुपये) तक का इज़ाफ़ा हुआ है।

रिटेलर्स की रणनीति

कुछ सुपरमार्केट चेन, जैसे अहोल्ड डेल्हाइज़, ब्रांड्स की भारी प्राइस हाइक का विरोध कर रहे हैं और अपने ‘स्टोर ब्रांड’ उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि ग्राहकों को सस्ती वैकल्पिक चीज़ें दी जा सकें।

ग्राहकों पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ़ का बोझ धीरे-धीरे उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा। कुछ कैटेगरी में तुरंत महंगाई दिखेगी, जबकि कुछ में दाम बढ़ने में समय लगेगा। हालांकि, लंबे समय में यह प्रवृत्ति महंगाई को और तेज़ कर सकती है।