वॉशिंगटन/मॉस्को, 19 जून 2025
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध संकट को देखते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शांति वार्ता की पहल करते हुए दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। हालांकि, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर तीखा जवाब देते हुए कहा है, “पुतिन को पहले अपने देश के अंदरूनी हालात और युद्धों को देखना चाहिए, मिडिल ईस्ट की फिक्र बाद में करें।”
ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब पुतिन ने ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष विराम और वार्ता की मेज़बानी करने का प्रस्ताव रखा। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि क्रेमलिन क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है।
ट्रंप ने एक प्रेस मीटिंग के दौरान कहा, “रूस खुद कई युद्धों और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पुतिन को चाहिए कि पहले वे यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध का हल निकालें, उसके बाद दुनिया को शांति सिखाएं।”
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान उस समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इजरायल और ईरान के बीच मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है और अमेरिका ने अपने कई सैन्य अड्डों को हाई अलर्ट पर रखा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान अमेरिका की विदेश नीति में एक बार फिर आक्रामक रुख की वापसी का संकेत हो सकता है। वहीं, पुतिन की प्रस्तावित मध्यस्थता को रूस की वैश्विक कूटनीति में खोते प्रभाव को पुनः स्थापित करने की कोशिश माना जा रहा है।
फिलहाल, मिडिल ईस्ट की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और किसी भी वैश्विक पहल पर प्रतिक्रिया देने से पहले वहां के हालात को नियंत्रण में लाना बड़ी चुनौती बना हुआ है।