वाशिंगटन | 23 जून 2025
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी के बाद देश को संबोधित किया, लेकिन इस बार उनका अंदाज़ बेहद अलग था। आमतौर पर आक्रामक और आत्मविश्वास से भरे नजर आने वाले ट्रंप इस बार शांत, संयमित और कुछ हद तक ‘रोबोटिक’ दिखे।
बॉडी लैंग्वेज विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह अब तक का सबसे गंभीर और परिणामकारी भाषण था, और उनके हाव-भाव ने यह जाहिर कर दिया कि वह खुद इस फैसले के दूरगामी प्रभावों को लेकर सतर्क हैं।
ट्रंप ने अमेरिका के चार शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ मंच पर कदम रखा, जिन्हें मीडिया ने 'चार घुड़सवार' कहकर संबोधित किया। आमतौर पर स्क्रिप्ट से हटकर बोलने वाले ट्रंप इस बार पूरी तरह से लिखित बयान पर टिके रहे। उनके चेहरे की भावनाएं, आंखों की स्थिरता और आवाज़ की टोन में असामान्यता साफ झलक रही थी।
विशेषज्ञों ने इस भाषण को 'अनकंफर्टेबल परफॉर्मेंस' बताया और कहा कि ट्रंप अपने ही फैसले के भार को महसूस कर रहे थे। अमेरिका द्वारा ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान में परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद दुनिया भर में तनाव चरम पर है।
ईरान के जवाबी कदम को लेकर आशंका बनी हुई है। यह देश होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दे चुका है, जो विश्व के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अलावा ईरान के साथ खड़े कई मिलिशिया संगठनों ने अमेरिका के खिलाफ हमले की चेतावनी दी है।
ट्रंप के इस भाषण ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह कोई चुनावी बयान नहीं था, बल्कि एक ऐसे फैसले की घोषणा थी जिसके प्रभाव आने वाले महीनों तक वैश्विक स्तर पर देखे जा सकते हैं।