लंदन। ब्रिटेन के वॉल्वरहैम्प्टन रेलवे स्टेशन के बाहर दो सिख बुजुर्गों पर तीन किशोरों ने बेरहमी से हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारी आक्रोश फैल गया। वीडियो में दोनों सिख जमीन पर पड़े दिखाई देते हैं और एक हमलावर उन्हें बार-बार लात मार रहा है, जबकि दूसरा हमलावर उसे खींचकर दूर ले जाता है। इस दौरान दोनों की पगड़ियां भी उतर गईं।
ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन किशोरों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि उन्हें बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने कहा कि रेलवे नेटवर्क पर इस तरह की हिंसा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और घटना की गहन जांच जारी है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से अपील की गई है कि वे सामने आकर जानकारी साझा करें।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से अपील की कि ब्रिटेन सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया जाए ताकि प्रवासी सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बादल ने कहा कि “यह नस्लवादी घृणा अपराध है, जिसने सिख समुदाय की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाई है। सिख समुदाय दुनिया भर में सेवा और भाईचारे के लिए जाना जाता है और वे सुरक्षा व सम्मान के हकदार हैं।”
वॉल्वरहैम्प्टन की सांसद सुरीना ब्रैकेनरिज ने भी घटना की निंदा की और कहा कि शहर की पहचान उसकी विविधता और मजबूती है। उन्होंने कहा, “यह समय शांति और एकता बनाए रखने का है। किसी के पास भी घटना से संबंधित जानकारी हो, तो पुलिस से संपर्क करे।”
इस हमले ने ब्रिटेन में बसे सिख समुदाय में आक्रोश और असुरक्षा की भावना को जन्म दिया है। कई संगठनों ने इसे न केवल हिंसा बल्कि धार्मिक और नस्लीय घृणा अपराध करार दिया है। समुदाय के नेताओं का कहना है कि ब्रिटेन सरकार को जल्द कदम उठाकर ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।