यूके और ऑस्ट्रेलिया ने 50 साल की सैन्य संधि 'गीलोंग संधि' पर हस्ताक्षर किए, परमाणु पनडुब्बियों को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई

यूके और ऑस्ट्रेलिया ने 50 साल की सैन्य संधि 'गीलोंग संधि' पर हस्ताक्षर किए, परमाणु पनडुब्बियों को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई

ऑस्ट्रेलिया के गीलोंग शहर में शनिवार को ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम (UK) के रक्षा एवं विदेश मंत्रियों ने एक ऐतिहासिक सैन्य संधि ‘गीलोंग संधि’ (Geelong Treaty) पर हस्ताक्षर किए। यह संधि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को अगले 50 वर्षों तक सुनिश्चित करेगी और विशेष रूप से परमाणु ऊर्जा संचालित पनडुब्बियों के निर्माण और संचालन को लेकर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी।

ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस और ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने की संधि पर हस्ताक्षर

गीलोंग, जो कि रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस का गृह नगर है, में इस संधि पर हस्ताक्षर समारोह हुआ। इस दौरान रिचर्ड मार्लेस ने कहा,

“यह संधि न केवल रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक छलांग है, बल्कि यह ऑस्ट्रेलिया के औद्योगिक इतिहास की सबसे बड़ी परियोजना बनकर उभरेगी — इससे भी बड़ी, जितनी हमारी 'स्नोई हाइड्रो' परियोजना थी।”

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ऑस्ट्रेलिया में 20,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी और यह देश की सैन्य क्षमता में 1913 में नौसेना के गठन के बाद की सबसे बड़ी वृद्धि होगी।

UK के रक्षा मंत्री ने इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ बताया

ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने भी इस संधि को दोनों देशों के लिए भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया।

“यह संधि न केवल हजारों नौकरियों को जन्म देगी, बल्कि यह दुनिया की सबसे उन्नत और शक्तिशाली अटैक पनडुब्बियों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगी,” उन्होंने कहा।
“यह न केवल हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि नाटो की शक्ति को भी मजबूती देगी।”

AUKUS समझौते पर दोबारा उत्साह, अमेरिकी सहभागिता पर सवाल

यह संधि उस समय पर हस्ताक्षरित हुई है जब AUKUS त्रिपक्षीय समझौते (ऑस्ट्रेलिया, यूके, अमेरिका) को लेकर अमेरिका में पुनः समीक्षा हो रही है। गौरतलब है कि इस सप्ताह ऑस्ट्रेलिया में हो रही AUKUS बैठकों में अमेरिका के रक्षा और विदेश मंत्रियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है।

ब्रिटेन की विमानवाहक पोत 'HMS Prince of Wales' पहुंची डार्विन

संधि के साथ ही ब्रिटेन का सबसे बड़ा युद्धपोत 'HMS Prince of Wales' ऑस्ट्रेलिया के डार्विन बंदरगाह पर पहुंचा। यह 1997 के बाद पहली बार है जब कोई ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कैरियर ऑस्ट्रेलिया आया है। यह पोत 'टैलिसमैन सेबर' युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए सैनिकों को लेकर आया है, जो उत्तरी क्वींसलैंड और पापुआ न्यू गिनी में हर साल होता है।