अमेरिका–इज़रायल–ईरान युद्ध: खाड़ी देशों पर हमले रोकने का प्रस्ताव पास, UNSC में 13 वोट समर्थन

अमेरिका–इज़रायल–ईरान युद्ध: खाड़ी देशों पर हमले रोकने का प्रस्ताव पास, UNSC में 13 वोट समर्थन

नई दिल्ली, 12 मार्च 2026

अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष आज 13वें दिन में प्रवेश कर गया है। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों पक्षों की ओर से हमले जारी हैं। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमले तुरंत रोकने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है।

UNSC में 13 वोटों से प्रस्ताव पारित

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन की अगुवाई में लाए गए इस प्रस्ताव को 15 सदस्यीय परिषद में 13 देशों का समर्थन मिला। प्रस्ताव के खिलाफ कोई वोट नहीं पड़ा, जबकि रूस और चीन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई है और ईरान से इन्हें तुरंत रोकने की अपील की गई है।

ईरान ने प्रस्ताव को बताया पक्षपाती

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए इसे “पक्षपाती और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में मौजूदा संकट के वास्तविक कारणों को नजरअंदाज किया गया है और इसमें अमेरिका तथा इज़रायल की भूमिका का जिक्र तक नहीं किया गया।
इरावानी के अनुसार, मौजूदा युद्ध की शुरुआत अमेरिका और इज़रायल के हमलों के बाद हुई थी, लेकिन प्रस्ताव में इस तथ्य को शामिल नहीं किया गया।

ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमला

इसी बीच ओमान के दक्षिणी शहर सलालाह के पोर्ट पर ड्रोन से हमला किया गया, जिसमें तेल भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। हमले के बाद ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत कर स्थिति पर चर्चा की।

सऊदी एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश

सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसके सुरक्षाबलों ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाकर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

लेबनान में बढ़ा तनाव

लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इज़रायली सेना ने बेरूत में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। वहीं 29 देशों के समूह ने हिज़्बुल्लाह द्वारा ईरान के हमलों में शामिल होने की निंदा की है और इज़रायल से भी नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना न बनाने की अपील की है।

क्षेत्रीय युद्ध का खतरा

लगातार बढ़ते हमलों और कई देशों की भागीदारी के कारण पश्चिम एशिया में बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है।