वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आधिकारिक रूप से वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। अमेरिका ने यह कदम संगठन की आतंकी गतिविधियों और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के मद्देनज़र उठाया है, जिसमें सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया था।
TRF को लश्कर-ए-तैयबा का ही एक मुखौटा संगठन माना जाता है, जिसे पहले ही अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि TRF, लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया नाम है, जो आतंकवाद की वैश्विक नेटवर्किंग को और खतरनाक बना रहा है।
बयान में कहा गया, "TRF ने जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया है। हाल ही में पहलगाम में हुआ हमला इसी संगठन की करतूत थी, जिसमें निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को जानबूझकर निशाना बनाया गया।"
इस घोषणा के साथ ही अमेरिका ने TRF से जुड़े व्यक्तियों और संगठनों की संपत्तियों को फ्रीज करने और उनके अमेरिकी वित्तीय प्रणाली के इस्तेमाल पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भारत ने किया स्वागत
भारत सरकार ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है और इसे आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम बताया है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि TRF जैसे संगठनों पर वैश्विक दबाव बढ़ना जरूरी है ताकि पाकिस्तान अपनी धरती से आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे।
क्या है TRF?
TRF यानी द रेजिस्टेंस फ्रंट की स्थापना वर्ष 2019 में हुई थी और इसे खासतौर पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया था। यह संगठन सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए आतंकवाद को बढ़ावा देने, भर्ती अभियान चलाने और भारत विरोधी प्रोपेगैंडा फैलाने में भी सक्रिय रहा है।
अमेरिका का यह कदम न केवल भारत की चिंताओं को वैश्विक मंच पर मान्यता देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी देश द्वारा क्यों न प्रायोजित हो।