वाशिंगटन, 5 मार्च।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान के साथ बढ़ते टकराव के बीच अमेरिका ने अपनी अत्याधुनिक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) मिनटमैन-III का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण कैलिफोर्निया स्थित वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से किया गया। अमेरिकी वायुसेना के अनुसार यह एक नियमित परीक्षण था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसे ईरान के लिए एक कड़े संदेश के रूप में देख रहे हैं।
मंगलवार देर रात स्थानीय समय के अनुसार लगभग 11 बजे लॉन्च की गई इस मिसाइल ने प्रशांत महासागर में निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षण का उद्देश्य देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता और मिसाइल प्रणाली की विश्वसनीयता को परखना था।
मिनटमैन-III अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइलों में से एक है। यह हजारों किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्य को सटीकता से भेदने में सक्षम है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मिसाइल ऐसे परमाणु वारहेड ले जा सकती है जिनकी ताकत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से कई गुना अधिक होती है।
अमेरिकी सेना का कहना है कि इस तरह के परीक्षण पहले से तय कार्यक्रम के तहत किए जाते हैं और इनका किसी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति से सीधा संबंध नहीं होता। हालांकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ जारी टकराव के कारण इस परीक्षण को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे परीक्षण अमेरिका की रणनीतिक क्षमता और उसकी परमाणु प्रतिरोधक नीति का हिस्सा हैं। इससे यह संदेश जाता है कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पहले ही वैश्विक राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में अमेरिका द्वारा ‘डूम्सडे मिसाइल’ के परीक्षण को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।