उबर की नई सेवा: अब किशोरों के लिए भी सवारी, लेकिन सुरक्षा पर उठे सवाल

उबर की नई सेवा: अब किशोरों के लिए भी सवारी, लेकिन सुरक्षा पर उठे सवाल

राइड-शेयरिंग कंपनी उबर ने अब किशोरों के लिए विशेष सेवा शुरू करने का एलान किया है। इस पहल के तहत स्कूल, ट्यूशन या खेलकूद गतिविधियों के लिए बच्चों को ले जाने और लाने की जिम्मेदारी अब माता-पिता के बजाय उबर ड्राइवर उठाएंगे। कंपनी का दावा है कि इससे अभिभावकों का समय बचेगा और बच्चों को सुविधाजनक यात्रा मिलेगी।

अभिभावकों की चिंताएं

हालांकि इस कदम पर कई अभिभावकों और बाल संरक्षण विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों को अजनबी ड्राइवरों के भरोसे छोड़ना सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरों की सुरक्षा केवल तकनीकी फीचर्स या ऐप ट्रैकिंग से सुनिश्चित नहीं की जा सकती।

उबर का दावा

उबर का कहना है कि इस सेवा के लिए खासतौर पर प्रशिक्षित ड्राइवरों का चयन किया जाएगा और हर यात्रा की निगरानी ऐप के माध्यम से की जाएगी। कंपनी का यह भी दावा है कि यात्रियों और ड्राइवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए फीचर्स जोड़े गए हैं।

बढ़ती सुविधा बनाम बढ़ता जोखिम

जहां एक ओर यह सेवा कामकाजी माता-पिता के लिए राहत का साधन बन सकती है, वहीं दूसरी ओर इससे बच्चों की निजता और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, यह देखने वाली बात होगी कि उबर इस नई सेवा को किस तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बना पाता है।