यूक्रेन ने शुक्रवार रात रूस के अंदर कई अहम ठिकानों पर जोरदार ड्रोन हमले किए, जिनमें एक प्रमुख गैस पाइपलाइन और सैन्य स्थलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। यूक्रेन ने यह हमला रूस के हालिया ‘आतंकी हमलों’ के जवाब में किया, जिसमें कीव में कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे।
वोल्गोग्राद में गैस पाइपलाइन पर बड़ा हमला
यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक, वोल्गोग्राद क्षेत्र में स्थित "सेंट्रल एशिया-सेंटर" गैस पाइपलाइन को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया। यह पाइपलाइन गैज़प्रोम द्वारा संचालित है और तुर्कमेनिस्तान से रूस में गैस आपूर्ति करती है। माना जा रहा है कि यह पाइपलाइन कई सैन्य प्रतिष्ठानों को ऊर्जा उपलब्ध कराती थी और अब इसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हमला
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा एसबीयू के अनुसार, ड्रोन हमलों ने दक्षिण-पश्चिमी रूस के प्रिमोर्स्को-अख्तार्स्क में एक सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाया। वहां ईरानी निर्मित शहीद ड्रोनों का भंडारण था, जिन्हें रूस यूक्रेन पर हमलों के लिए इस्तेमाल करता रहा है।
इसके अलावा, रूस के पेंज़ा क्षेत्र में स्थित "एलेक्ट्रोप्रियबोर" नामक कंपनी पर भी हमला किया गया। यह कंपनी रूस के रक्षा क्षेत्र के लिए सैन्य डिजिटल नेटवर्क, विमानन उपकरण, बख्तरबंद वाहन और नौसेना प्रणालियों का निर्माण करती है। हमले में एक महिला की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हुए।
कीव पर हमले के जवाब में यूक्रेनी कार्रवाई
गुरुवार को कीव पर हुए रूसी मिसाइल हमले में कम से कम 31 लोगों की जान गई थी, जिनमें 5 बच्चे शामिल थे। यूक्रेनी सेना ने बताया कि यह ड्रोन हमला उसी हमले का जवाब था।
यूक्रेनी सशस्त्र बलों की जनरल स्टाफ ने एक टेलीग्राम पोस्ट में कहा,
“यूक्रेनी रक्षा बलों ने उन रूसी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है जो हमारी मातृभूमि पर हो रहे सशस्त्र हमलों में सहयोग कर रहे थे।”
रूस का दावा: 112 ड्रोन मार गिराए
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक लगभग नौ घंटे के भीतर यूक्रेन के कुल 112 ड्रोन रूस की सीमा में मार गिराए गए। इनमें से 34 ड्रोनों को रोस्तोव क्षेत्र में नष्ट किया गया।
हालांकि, ड्रोन गिरने से कई जानें गईं। समारा क्षेत्र में एक बुजुर्ग की मौत उस समय हुई जब एक घर में आग लग गई, जबकि रोस्तोव क्षेत्र में एक औद्योगिक साइट पर गार्ड की जान चली गई।
ड्रोन युद्ध में तेजी
एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने जुलाई में रिकॉर्ड 6,297 ड्रोन यूक्रेन पर दागे, जिनमें कई "डिकॉय ड्रोन" भी शामिल थे – जिनका उद्देश्य यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को भ्रमित करना था।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि युद्ध अब पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर तकनीकी मोर्चे पर आ गया है, जिसमें ड्रोन एक अहम भूमिका निभा रहे हैं।