मुंबई। हिंदी सिनेमा और टेलीविजन जगत के वरिष्ठ अभिनेता भरत कपूर का सोमवार को निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
इस दुखद खबर की पुष्टि उनके करीबी मित्र और अभिनेता अवतार गिल ने की। उन्होंने बताया कि भरत कपूर पिछले तीन दिनों से अस्वस्थ थे। निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार मुंबई में कर दिया गया, जिसमें परिवार के सदस्यों और कुछ करीबी लोगों ने ही भाग लिया।
अंतिम संस्कार में अभिनेता राकेश बेदी, निर्देशक रमेश कुमार और अभिनेता कुलदीप सिंह समेत कुछ चुनिंदा लोग मौजूद रहे। उनकी प्रार्थना सभा 30 अप्रैल को शाम 5 से 7 बजे के बीच उनके निवास पर आयोजित की जाएगी।
भरत कपूर 1970, 80 और 90 के दशक में हिंदी सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा रहे। उन्होंने अपने करियर में सहायक भूमिकाओं, खलनायक और चरित्र कलाकार के रूप में मजबूत पहचान बनाई। पुलिस अधिकारी, वकील और नकारात्मक किरदारों में उनकी अभिनय क्षमता को खूब सराहा गया।
उन्होंने कई चर्चित फिल्मों में काम किया, जिनमें नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाजार (1982), गुलामी (1985), आखिरी रास्ता (1986), सत्यमेव जयते (1987), स्वर्ग (1990), खुदा गवाह (1992) और रंग (1993) शामिल हैं। इसके अलावा बरसात (1995), साजन चले ससुराल (1996) और मीनाक्षी: ए टेल ऑफ थ्री सिटीज (2004) जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टेलीविजन में भी अपनी पहचान बनाई। वह कहानी चंद्रकांता की, तारा, अमानत, सांस, चुनौती और कैंपस जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों का हिस्सा रहे।
भरत कपूर का निधन फिल्म और टीवी जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान और अभिनय को लंबे समय तक याद किया जाएगा।