नई दिल्ली।
भारत में बीबीसी के लंबे समय तक ब्यूरो प्रमुख रहे वरिष्ठ पत्रकार Mark Tully का रविवार को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ थे और अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी मित्र और वरिष्ठ पत्रकार Satish Jacob ने की।
24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता में जन्मे मार्क टुली ने भारतीय पत्रकारिता में एक विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने 22 वर्षों तक BBC, नई दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्य किया और भारत की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक हलचलों को दुनिया के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
मार्क टुली ने भारत के कई ऐतिहासिक दौर को कवर किया। वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री Indira Gandhi द्वारा लगाए गए आपातकाल की आलोचना करने के कारण उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था। हालांकि बाद में वे पुनः भारत लौटे।
1977 में Morarji Desai के प्रधानमंत्री बनने और 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या जैसी घटनाओं के दौरान उनकी रिपोर्टिंग को विशेष रूप से सराहा गया।
पत्रकारिता के साथ-साथ मार्क टुली एक प्रसिद्ध लेखक भी थे। उनकी चर्चित पुस्तकों में नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया, इंडिया इन स्लो मोशन और द हार्ट ऑफ इंडिया शामिल हैं। वे बीबीसी रेडियो 4 के लोकप्रिय कार्यक्रम समथिंग अंडरस्टुड के प्रस्तोता भी रहे।
उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2002 में ब्रिटेन द्वारा नाइटहुड की उपाधि प्रदान की गई। वहीं भारत सरकार ने उन्हें 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया।
मार्क टुली का निधन पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी निष्पक्ष दृष्टि, गहन समझ और भारत के प्रति गहरा जुड़ाव उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगा।