गाज़ा से जारी तीन वीडियो से क्यों बढ़ा तनाव? संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक तय, हमास ने नेतन्याहू की अपील ठुकराई

गाज़ा से जारी तीन वीडियो से क्यों बढ़ा तनाव? संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक तय, हमास ने नेतन्याहू की अपील ठुकराई

गाज़ा में मानवीय संकट चरम पर पहुंच चुका है। एक ओर जहां स्थानीय जनता भोजन के लिए तरस रही है, वहीं दूसरी ओर हमास के कब्जे में बंद इजरायली बंधकों की स्थिति ने पूरे विश्व को झकझोर दिया है। हाल ही में हमास और उसके सहयोगी संगठन इस्लामिक जिहाद द्वारा जारी किए गए तीन वीडियो के कारण क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है।

वीडियो से उपजा अंतरराष्ट्रीय आक्रोश

इन वीडियो में दो इजरायली नागरिक – रोम ब्रास्लावस्की और एविएटर डेविड – दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमले के दौरान बंधक बनाया गया था। दोनों वीडियो में बेहद कमजोर, कुपोषित और मानसिक रूप से थके हुए नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में उन्हें अपनी ही कब्र खोदते हुए भी दिखाया गया है।

इन वीडियो के सामने आने के बाद इजरायल और पश्चिमी देशों में गुस्सा भड़क उठा है। ब्रिटेन के विदेश सचिव डेविड लैमी ने इन वीडियो को “प्रोपेगैंडा के लिए मानवता का अपमान” बताते हुए कहा कि इन बंधकों को "बिना शर्त रिहा" किया जाना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक

इजरायल के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत डैनी डैनन ने रविवार को घोषणा की कि मंगलवार, 5 अगस्त को सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें गाज़ा में बंधकों की स्थिति पर चर्चा होगी। यह बैठक वीडियो में सामने आई बंधकों की भयावह हालत और गाज़ा में फैलती भूखमरी के परिप्रेक्ष्य में बुलाई गई है।

नेतन्याहू की अपील, हमास का इनकार

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति से अपील की थी कि वह गाज़ा में फंसे इजरायली बंधकों तक भोजन पहुंचाने में मदद करे। लेकिन इसके जवाब में हमास की सैन्य शाखा अल-कसम ब्रिगेड ने यह मांग रखी कि जब तक गाज़ा पट्टी के सभी क्षेत्रों में मानवीय गलियारे नहीं खोले जाते, वे किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को बंधकों तक पहुंच की अनुमति नहीं देंगे।

हमास ने यह भी दावा किया कि वह बंधकों को "जानबूझकर भूखा नहीं रख रहा", बल्कि इजरायल की ओर से की गई नाकेबंदी और मानवीय सहायता पर प्रतिबंध के कारण पूरे गाज़ा में ही खाद्य संकट उत्पन्न हुआ है। अल-कसम ब्रिगेड के अनुसार, बंधकों को वही खाना दिया जा रहा है जो गाज़ा के आम नागरिकों को मिल रहा है – कोई विशेष सुविधा नहीं।

गाज़ा में भुखमरी का खतरा

संयुक्त राष्ट्र समर्थित कई एजेंसियों और मानवीय संगठनों ने पहले ही चेतावनी दी है कि गाज़ा में अकाल की स्थिति पैदा हो चुकी है। इजरायल द्वारा मानवीय सहायता के मार्गों पर सख्त नियंत्रण होने के कारण जरूरी सामग्री गाज़ा में नहीं पहुंच पा रही है। जो थोड़ा-बहुत पहुंचता भी है, उसे लूट लिए जाने या दूसरी जगह भेजे जाने की खबरें सामने आती रही हैं।

संकट का समाधान कब?

इन हालातों में संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक से कुछ समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन गाज़ा में जारी मानवीय त्रासदी और इजरायली बंधकों की दयनीय स्थिति से यह स्पष्ट हो गया है कि अब इस संकट का अंत अंतरराष्ट्रीय दबाव और राजनयिक प्रयासों से ही संभव है।