ऑस्ट्रेलिया में थाई फूड की 62,000 किलोग्राम की अवैध खेप पकड़ी गई, महिला को हुई जेल

ऑस्ट्रेलिया में थाई फूड की 62,000 किलोग्राम की अवैध खेप पकड़ी गई, महिला को हुई जेल

सिडनी, 26 जून 2025:
थाईलैंड से ऑस्ट्रेलिया भेजे गए 62,000 किलोग्राम अवैध खाद्य पदार्थों की खेप पकड़े जाने के बाद एक महिला को दो साल की जेल और 150 घंटे की सामुदायिक सेवा की सज़ा सुनाई गई है। यह कार्रवाई बायोसेक्योरिटी एक्ट के तहत नौ मामलों में दोषी पाए जाने के बाद की गई।

ऑस्ट्रेलिया के सीमा शुल्क अधिकारियों ने जब इन पॉलीस्टायरीन बॉक्सों की जांच की, तो उसमें फ्रोजन मेंढ़क, झींगे (प्रॉन्स), सुअर का मांस और कीटों से संक्रमित ताज़ी सब्ज़ियाँ पाईं। सभी सामग्रियाँ गलत लेबलिंग के साथ थाईलैंड से भेजी गई थीं और सिडनी के काले बाजार तक पहुंचाने की योजना थी। अधिकारियों को एक गुप्त स्रोत से सूचना मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा
जांच में सामने आया कि यह खेप ऑस्ट्रेलिया की जैव विविधता और कृषि उद्योग के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी।

  • मेंढ़क ऐसी बीमारियाँ फैला सकते हैं जैसे चाइट्रिडियोमायकोसिस, जिससे दुनिया भर में 500 से अधिक उभयचर प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी हैं।

  • झींगे में व्हाइट स्पॉट वायरस पाया जा सकता है, जो अत्यधिक संक्रामक है।

  • सुअर का मांस में अफ्रीकी स्वाइन फीवर जैसे रोग हो सकते हैं, जो ऑस्ट्रेलिया में नहीं पाए जाते।

  • कीटों के मामले में एक बार अगर वे सीमा पार कर जाएं, तो उन्हें रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऑस्ट्रेलिया पहले ही वरोआ माइट, फायर ऐंट्स और शॉट-होल बॉरर जैसे कीटों से जूझ रहा है।

बायोसेक्योरिटी विभाग की प्रतिक्रिया
ऑस्ट्रेलिया के कृषि विभाग (DAFF) की जैव सुरक्षा उप सचिव जस्टीन सॉन्डर्स ने कहा, “इस स्तर की अवैध खेप ऑस्ट्रेलिया के जैविक संतुलन और वैश्विक कृषि साख पर गंभीर असर डाल सकती थी। हमारे अधिकारी दिन-रात इस प्रकार के खतरों से देश को बचाने में लगे रहते हैं।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि बायोसेक्योरिटी कानूनों के उल्लंघन पर अधिकतम $1.6 मिलियन का जुर्माना और 10 साल तक की जेल हो सकती है। इस मामले में महिला को 11 जून को दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई।

निष्कर्ष:
यह घटना ऑस्ट्रेलिया की कड़ी बायोसेक्योरिटी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है, जो देश को विदेशी बीमारियों और कीटों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अवैध आयात को रोकने के लिए कठोर कार्रवाई का यह ताजा उदाहरण है।