मनमोहन सिंह ने मुझे धन्यवाद दिया: यासीन मलिक का सनसनीखेज दावा"

मनमोहन सिंह ने मुझे धन्यवाद दिया: यासीन मलिक का सनसनीखेज दावा"

नई दिल्ली।
जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) प्रमुख यासीन मलिक ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। मलिक ने अदालत में पेशी के दौरान कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उन्हें पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगना हाफिज सईद से मुलाकात के लिए धन्यवाद दिया था।


अदालत में खुलासा

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान यासीन मलिक ने इस मुलाकात का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 मुंबई हमले के मुख्य आरोपी हाफिज सईद से हुई थी। मलिक के मुताबिक, इस बातचीत के बाद भारत सरकार को जानकारी दी गई और तब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनकी पहल की सराहना करते हुए 'धन्यवाद' कहा।


हाफिज सईद का नाम आने से बढ़ा विवाद

यह दावा इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि हाफिज सईद भारत की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है और अमेरिका ने भी उस पर करोड़ों रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। वह 2008 के मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। ऐसे में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का नाम उसके संदर्भ में आना राजनीतिक विवाद को और गहरा कर रहा है।


राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के आसार

मलिक के इस बयान ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों को असहज कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस खुलासे के बाद कांग्रेस को तीखे सवालों का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा और अन्य दल इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व को घेर सकते हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस दावे को खारिज करने या इसे राजनीतिक साजिश करार देने की संभावना है।


यासीन मलिक: हिंसा से जेल तक का सफर

यासीन मलिक का नाम जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों और हिंसा के लिए लंबे समय से चर्चा में रहा है। एक समय उसने हथियार उठाए और बाद में राजनीति की राह पकड़ी, लेकिन टेरर फंडिंग, हिंसा और देशविरोधी गतिविधियों के मामलों में उसके खिलाफ गंभीर आरोप साबित हुए।
एनआईए की विशेष अदालत ने मई 2022 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। इस समय वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है और उसके खिलाफ कई अन्य मामलों की सुनवाई भी जारी है।


सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नजर

मलिक के इस बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस तरह के दावों की जांच आवश्यक है क्योंकि यह भारत की विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि मलिक अपने बचाव में सनसनी फैलाने की कोशिश कर रहा हो सकता है।