ब्रिसबेन | विशेष संवाददाता
लोकप्रिय ऑस्ट्रेलियाई यू-ट्यूबर पीट ज़ोगूलस, जिनके यूट्यूब चैनल ‘Pete Z’ के 2.5 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं, ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि उन्हें अपनी वीडियो सामग्री के कारण पुलिस छापे, गिरफ्तारी और जेल की सजा तक का सामना करना पड़ा।
पीट, जो कभी थीम पार्क, होटल और विमानों में चुपके से घुसने वाले वीडियो के लिए मशहूर थे, ने लगभग एक साल तक यूट्यूब से दूरी बनाए रखी। अब उन्होंने एक 26 मिनट लंबा वीडियो जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी है और बताया कि कैसे वे ‘स्कैमर्स’ को उजागर करने के प्रयास में कानून के शिकंजे में फंस गए।
वीडियो की शुरुआत अगस्त 2024 में हुए पुलिस छापे की बॉडीकैम फुटेज से होती है, जिसमें पीट अपने ब्रिसबेन स्थित घर में बैठे नजर आते हैं और एक अधिकारी उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए हिरासत में लेते हैं।
पीट ने बताया कि उन्होंने अपने कंटेंट का रुख बदलते हुए 'सकारात्मक बदलाव' लाने की कोशिश की। इसके तहत उन्होंने कथित धोखेबाजों को उजागर करने वाले वीडियो बनाना शुरू किया – जिनमें से एक था, "I Exposed A Scammer On His Own Local Billboard", जिसने लाखों व्यूज बटोरे।
मामला तब गंभीर हुआ जब पीट ने एक वीडियो में एक एयरटैग (जिसे उन्होंने एक स्टार वॉर्स के मंडलोरियन पिगी बैंक में छिपाया था) की मदद से एक व्यक्ति को ट्रैक किया। पुलिस ने इसे ‘स्टॉकिंग’ की श्रेणी में माना और उन पर गैरकानूनी पीछा करने और संचार माध्यम से उत्पीड़न फैलाने के आरोप लगाए।
पीट ने सफाई दी, “मैंने किसी के घर तक उसका पीछा नहीं किया, सिर्फ अपने कंटेंट के लिए तथ्यों की जांच कर रहा था। लेकिन कानून के मुताबिक यह स्टॉकिंग माना गया।”
पीट को अप्रैल और जुलाई 2024 की दो घटनाओं में स्टॉकिंग और साइबर उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया। साथ ही, उनके पुराने वीडियो के आधार पर दो अतिरिक्त ट्रेसपास (अनधिकृत प्रवेश) के मामले भी दर्ज किए गए।
कोर्ट की पहली सुनवाई में उन्हें पता चला कि अगर दोष सिद्ध होता, तो उन्हें आठ साल तक की जेल हो सकती थी। लेकिन उनके वकीलों ने अभियोजन पक्ष से समझौता किया – जिसमें गंभीर आरोपों को हटा दिया गया बशर्ते पीट ‘जस्टिस मेडिएशन’ प्रक्रिया से गुजरें और पुराने ट्रेसपास मामलों में दोष कबूल करें।
मेडिएशन प्रक्रिया में उन्हें कथित पीड़ितों से माफी मांगनी पड़ी और क्षतिपूर्ति भी देनी पड़ी।
अंततः अप्रैल 2025 में सुनवाई के दौरान पीट को सजा नहीं दी गई, बल्कि केवल 800 डॉलर का जुर्माना लगाया गया।
“यह सब अब खत्म हो चुका है,” पीट ने वीडियो में कहा। “मैं जेल जा सकता था, लेकिन हम इससे बाहर निकल आए। अब फिर से वीडियो बनाना शुरू करूंगा और दर्शकों का भरोसा वापस जीतूंगा।”
पीट ने आरोप लगाया कि पुलिस और अभियोजकों द्वारा बार-बार उनके वीडियो रिपोर्ट किए जाने के कारण यूट्यूब और इंस्टाग्राम ने उनका कंटेंट हटा दिया।
उन्होंने कहा, “पुलिस कभी स्कैमर्स को पकड़ने में मदद नहीं करती, लेकिन जब मैंने किसी स्कैमर को उजागर किया, तो उन्होंने उसे बचाने के लिए मुझ पर कार्रवाई की।”
(इस लेख में बताए गए सभी तथ्य YouTube और संबंधित सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। आरोपी की ओर से दी गई जानकारी उसकी व्यक्तिगत राय है।)