Patients Infected With Bird Lice as Pigeon Infestation Hits NSW Hospitals

Patients Infected With Bird Lice as Pigeon Infestation Hits NSW Hospitals

सिडनी, विशेष संवाददाता।
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स (NSW) राज्य के कई सरकारी अस्पतालों में बीते तीन महीनों के दौरान गंभीर स्वच्छता समस्याएं सामने आई हैं। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार अस्पताल परिसरों में कबूतरों के घोंसले, छत के वेंटिलेशन से गिरती बीट, गलियारों में बदबू और मरीजों में बर्ड लाइस (पक्षी जूं) संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ अस्पतालों की छतों और वेंटिलेशन सिस्टम में कबूतरों ने डेरा जमा लिया, जिसके कारण गंदगी सीधे वार्ड और गलियारों तक पहुंच रही है। कई जगहों पर छत के वेंट से पक्षियों की बीट गिरने और दुर्गंध फैलने की शिकायतें दर्ज की गईं। अस्पताल स्टाफ ने भी इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है।

मरीजों में बर्ड लाइस के मामले

दस्तावेजों के मुताबिक, कुछ मरीजों में बर्ड लाइस पाए गए। विशेषज्ञों का कहना है कि ये जूं आमतौर पर पक्षियों में पाई जाती हैं, लेकिन जब पक्षी बड़ी संख्या में किसी इमारत में बसेरा बना लेते हैं, तो ये इंसानों तक भी पहुंच सकती हैं। इससे त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते और असहजता जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यह संक्रमण आमतौर पर गंभीर नहीं होता, लेकिन अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इसका पाया जाना चिंता का विषय है।

स्वच्छता और रखरखाव पर सवाल

अस्पताल परिसरों में इस तरह की घटनाओं ने साफ-सफाई और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, संबंधित अस्पतालों में मरम्मत और सफाई के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। छत और वेंटिलेशन सिस्टम की जांच कर उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में पक्षी अंदर प्रवेश न कर सकें।

अधिकारियों का आश्वासन

स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी कर कहा है कि मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन क्षेत्रों में समस्या पाई गई है, वहां गहन सफाई, कीट नियंत्रण और संरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दीर्घकालिक कदम उठाए जाएंगे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों जैसी जगहों पर स्वच्छता में जरा सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है। ऐसे में प्रशासन को नियमित निरीक्षण और रखरखाव पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि मरीजों का विश्वास बना रहे और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।