सिडनी। ऑस्ट्रेलिया में वन नेशन और उसकी नेता सीनेटर पॉलिन हैनसन के विरोध में हजारों स्कूली और विश्वविद्यालयी छात्रों के कक्षाओं से बाहर निकलकर प्रदर्शन करने की तैयारी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। देश के आठ शहरों में आयोजित किए जा रहे इस छात्र आंदोलन को लेकर वन नेशन नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
नेशनल यूनियन ऑफ स्टूडेंट्स की ओर से “Students Say No to Hanson” नाम से आयोजित वॉकआउट के तहत सिडनी सहित कई प्रमुख शहरों में छात्र कक्षाएं छोड़कर विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शन का उद्देश्य वन नेशन की राजनीति और जिसे आयोजक “फार राइट के बढ़ते प्रभाव” के रूप में देखते हैं, उसके खिलाफ आवाज उठाना बताया गया है।
ग्रीन्स सीनेटर मेहरीन फारुकी ने भी छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया है और युवाओं से विरोध कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की है।
दूसरी ओर, पॉलिन हैनसन ने छात्रों के इस कदम की आलोचना करते हुए दावा किया कि युवाओं को राजनीतिक रूप से प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों का काम छात्रों को “क्या सोचना है” बताना नहीं, बल्कि उन्हें “कैसे सोचना है” सिखाना होना चाहिए।
हैनसन ने छात्रों से देश की आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती जीवन-यापन लागत और परिवारों की आय पर पड़ रहे दबाव जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने की बात कही। उनका आरोप था कि वर्तमान लेबर-ग्रीन्स नीतियां युवाओं के भविष्य को कमजोर कर रही हैं।
वन नेशन से जुड़े सांसद बार्नबी जॉयस ने भी प्रदर्शन की आलोचना करते हुए यूनियनों और कथित तौर पर “समाजवादी विचारधारा” वाले शिक्षकों पर छात्रों को राजनीतिक विरोध के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया।
वहीं प्रदर्शन समर्थकों का कहना है कि छात्रों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी राय रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। आयोजकों के अनुसार युवाओं में नस्लवाद, आव्रजन नीति, सामाजिक समानता और दक्षिणपंथी राजनीति को लेकर बढ़ती चिंता इस अभियान के पीछे प्रमुख कारणों में शामिल है।
देशभर में बड़े स्तर पर छात्रों के सड़कों पर उतरने की संभावना को देखते हुए कई स्थानों पर पुलिस भी स्थिति पर नजर रख रही है।
यह घटनाक्रम एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया में इस बहस को सामने ला रहा है कि स्कूल और विश्वविद्यालय के छात्रों की राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी की सीमा क्या होनी चाहिए और शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक तथा सामाजिक मुद्दों पर चर्चा किस तरह की जानी चाहिए।